सोन नदी से जल लेकर पहुंचे बिरासनी देवी मंदिर: लखेरन टोला से निकली भव्य कांवड़ यात्रा
Riya Jain
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Myra Dubey
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
बुढ़ार के लखेरन टोला स्थित स्वयं सिद्ध हनुमान मंदिर से कांवड़ यात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्तिभाव के साथ यात्रा में हिस्सा लिया। सुबह से ही मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में भक्त जुटने लगे थे। पूजा-अर्चना के बाद कांवड़ियों ने पदयात्रा शुरू की। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते रहे। भक्ति और आस्था से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कांवड़ यात्रा ने धार्मिक माहौल को और भी खास बना दिया।
सोन नदी से लिया पवित्र जल
कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालु सोन नदी पहुंचे। वहां भक्तों ने श्रद्धापूर्वक पवित्र जल भरा। इसके बाद कांवड़ लेकर पदयात्रा की शुरुआत की गई। श्रद्धालु पूरे रास्ते शिवभक्ति में लीन नजर आए। भक्तों ने अनुशासन और आस्था के साथ यात्रा पूरी की। सोन नदी का जल भगवान शिव को अर्पित करने के लिए लाया गया। इस दौरान धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।
बिरासनी देवी मंदिर पहुंचकर किया जलाभिषेक
कांवड़ियों की पदयात्रा माता बिरासनी देवी मंदिर पहुंची। मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। भक्तों ने भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। जलाभिषेक के दौरान हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। भक्तों ने परिवार और समाज की खुशहाली की प्रार्थना की। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
हर हर महादेव से गूंजा पूरा क्षेत्र
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु लगातार जयघोष करते रहे। हर-हर महादेव और बोल बम के नारे पूरे क्षेत्र में सुनाई दिए। भक्तों की टोलियां शिवभक्ति में डूबी नजर आईं। यात्रा मार्ग पर लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। कई स्थानों पर भक्तिमय माहौल देखने को मिला। धार्मिक गीतों और जयकारों से वातावरण पवित्र हो गया। पूरा इलाका शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
जगह जगह दिखा भक्तिमय माहौल
कांवड़ यात्रा के चलते बुढ़ार क्षेत्र में विशेष धार्मिक वातावरण बना। यात्रा मार्ग पर स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया। कई जगह भक्तों के लिए स्वागत की व्यवस्थाएं की गईं। मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोगों ने भगवान शिव की आराधना में समय बिताया। पूरे दिन क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल रहा। कांवड़ यात्रा ने लोगों को धार्मिक भावना से जोड़ा।
श्रद्धालुओं ने मांगी सुख समृद्धि की कामना
जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की। भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। कई श्रद्धालु हर वर्ष कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। यात्रा शांतिपूर्ण और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर बताया। बुढ़ार में कांवड़ यात्रा ने शिवभक्ति की अनूठी मिसाल पेश की।





