हंसिका लांबा ने बुडापेस्ट में जीता सिल्वर: फाइनल में सिल्वर पर कब्जा,भारत के 5 मेडल पूरे

Payal jadon
0 सेकंड पहलेIs performance par poore desh ko garv hai.
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेTeam India Zindabad! Aage badhte raho.
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेKhiladi ki mehnat aaj rang layi, congratulations!
Anil Sen
15 मिनट पहलेPoori team ko dil se congratulations!
Rohan Desai
27 मिनट पहलेHamare khiladi ne kamaal kar diya, garv hai!
Trapti Tanwar
2 घंटे पहलेIs performance par poore desh ko garv hai.
बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज में हंसिका लांबा ने जीता सिल्वर,हंगरी में आयोजित बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2026 में भारतीय महिला पहलवान हंसिका लांबा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 55 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। 19 वर्षीय हंसिका ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन तकनीक और आत्मविश्वास का परिचय दिया। उनके इस प्रदर्शन के साथ भारत की कुल पदक संख्या बढ़कर 5 हो गई। यह उपलब्धि भारतीय कुश्ती के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।
सेमीफाइनल में 2-7 से पिछड़कर किया ऐतिहासिक कमबैक
हंसिका लांबा ने सेमीफाइनल मुकाबले में जर्मनी की अनास्तासिया बलेवास के खिलाफ शानदार वापसी कर सभी को प्रभावित किया। एक समय वह मुकाबले में 2-7 से पीछे चल रही थीं, लेकिन उन्होंने धैर्य और आक्रामक रणनीति के दम पर लगातार अंक जुटाए। अंततः हंसिका ने मुकाबला 10-7 से जीतकर फाइनल में जगह बनाई। उनके इस कमबैक की खेल जगत में जमकर सराहना हो रही है।
फाइनल में यूक्रेन की पहलवान से हार, सिल्वर से संतोष
फाइनल मुकाबले में हंसिका का सामना यूक्रेन की नतालिया क्लीवचुत्स्का से हुआ। कड़े संघर्ष के बावजूद भारतीय पहलवान को 0-5 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। हालांकि इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि हंसिका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर होती जा रही हैं। इससे पहले वह 2026 सीनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीत चुकी हैं।
भारत के खाते में पहुंचे कुल पांच पदक
बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज में भारतीय पहलवानों का शानदार प्रदर्शन जारी है। पहले दिन अमन सहरावत ने स्वर्ण और दीपक ने कांस्य पदक जीता था। दूसरे दिन हंसिका लांबा के सिल्वर के अलावा विशाल कालीरमन ने 65 किग्रा वर्ग और रजत रुहल ने 125 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किए। इन सफलताओं के साथ भारत की कुल पदक संख्या 5 हो गई।
खेल मंत्री और कोच ने की हंसिका की जमकर तारीफ
हंसिका के शानदार प्रदर्शन पर खेल मंत्रालय और भारतीय कोचिंग स्टाफ ने उन्हें बधाई दी। खेल मंत्री ने कहा कि उनका संघर्ष और जज्बा देश की युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। कोच ने बताया कि सेमीफाइनल में हंसिका ने शांत रहकर रणनीति बदली और शानदार काउंटर अटैक के दम पर मुकाबला पलट दिया। उन्होंने कहा कि हंसिका भविष्य में भारत की बड़ी स्टार बन सकती हैं।
परिवार का सपना अब ओलंपिक गोल्ड पर टिका
हंसिका के रजत पदक जीतते ही उनके घर में खुशी का माहौल है। उनके पिता ने कहा कि बेटी की वर्षों की मेहनत रंग लाई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराना पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। उनकी मां ने बताया कि फाइनल हारने के बाद हंसिका थोड़ी निराश थीं, लेकिन अब उनका अगला लक्ष्य विश्व चैंपियनशिप और लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।






