फरीदाबाद डबल डेथ मिस्ट्री: नहर में मिले युवक-युवती के बंधे शव

Aditya Verma
0 सेकंड पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Aditya Verma
4 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Ada khan
6 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Vihaan Patel
6 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
हरियाणा के फरीदाबाद में आगरा नहर से दो लोगों के शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान 24 वर्षीय जिम ट्रेनर आकाश और 32 वर्षीय मेकओवर आर्टिस्ट रजनी (कुछ रिपोर्टों में रश्मि) के रूप में हुई है। दोनों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किए गए। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया। शुरुआती जांच में मामला बेहद संवेदनशील और संदिग्ध माना जा रहा है।
डेटा केबल से बंधे थे हाथ, कार से मिला खून लगा हथौड़ा
पुलिस जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि दोनों मृतकों के हाथ एक काले रंग की डेटा केबल से आपस में बंधे हुए थे। आकाश के चेहरे और सिर पर गंभीर चोट के निशान भी मिले हैं। घटनास्थल के पास खड़ी कार की तलाशी के दौरान पुलिस को खून से सना एक हथौड़ा भी बरामद हुआ है। हथौड़े और अन्य बरामद सामान को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों को समझने का प्रयास कर रही है।
दोनों परिवारों के आरोपों से और उलझी गुत्थी
मामले में दोनों परिवारों के अलग-अलग आरोपों ने जांच को और जटिल बना दिया है। महिला के पति का आरोप है कि आकाश ने रजनी पर हथौड़े से हमला किया और बाद में उसे नहर में फेंककर स्वयं भी नहर में कूद गया। वहीं आकाश के परिजनों का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित दोहरा हत्याकांड है। उनका आरोप है कि महिला के पति और उसके साथियों ने दोनों की हत्या कर शवों को नहर में फेंका। पुलिस फिलहाल किसी भी दावे की पुष्टि नहीं कर रही है।
ऑनर किलिंग समेत कई एंगल से जांच जारी
फरीदाबाद पुलिस इस मामले की जांच हत्या, आत्महत्या और संभावित ऑनर किलिंग सहित कई पहलुओं से कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। मृतकों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल के आसपास मिले अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले दोनों की आखिरी गतिविधियां क्या थीं।
फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी जांच
मामले की असली तस्वीर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की जांच के बाद ही सामने आएगी। बरामद हथौड़े, डेटा केबल, कार और अन्य साक्ष्यों पर मिले फिंगरप्रिंट तथा डीएनए नमूनों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि चोटें पहले लगीं या दोनों की मौत डूबने से हुई। मेडिकल और वैज्ञानिक रिपोर्ट इस पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।
पुलिस की अपील, अफवाहों से बचें; जांच जारी
फरीदाबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करें। अधिकारियों का कहना है कि सभी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण, घटना के समय और जिम्मेदार लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। फिलहाल पुलिस ने मामले को संदिग्ध मौत मानते हुए हर संभावित एंगल पर जांच तेज कर दी है।








