19वें दिन अनशन स्थल जंतर-मंतर पहुंचे केजरीवाल: सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरीं सोनाक्षी सिन्हा

सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरीं सोनाक्षी सिन्हा
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Vihaan Patel

Vihaan Patel

0 सेकंड पहले

Aam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

0 सेकंड पहले

Logon ki madad karna hi asli dharam hai.

Diya Gupta

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0 सेकंड पहले

Peedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.

Rohan Desai

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0 सेकंड पहले

Peedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.

Nisha Shah

Nisha Shah

47 मिनट पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

48 मिनट पहले

Samaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

2 घंटे पहले

Aam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.

Neel Saxena

Neel Saxena

3 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

3 घंटे पहले

Yeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.

Kavya Mishra

Kavya Mishra

3 घंटे पहले

Yeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.

Sneha Menon

Sneha Menon

4 घंटे पहले

Yeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.

Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

5 घंटे पहले

Yeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली लगातार पेपर लीक और अनियमितताओं से प्रभावित हो रही है और इसका सबसे बड़ा नुकसान छात्रों को उठाना पड़ रहा है। केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में शिक्षा सुधार चाहती है तो सोनम वांगचुक जैसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।


'2011 का अन्ना आंदोलन याद आ गया'
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि जंतर-मंतर पर पहुंचते ही उन्हें 2011 का अन्ना हजारे आंदोलन याद आ गया। उन्होंने कहा कि जब सरकार जनता की आवाज नहीं सुनती और अहंकार में रहती है तो उसका राजनीतिक परिणाम भी भुगतना पड़ता है। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।


सोनाक्षी सिन्हा बोलीं- सरकार आखिर कब बात करेगी?
अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में कहा कि वह आमतौर पर राजनीतिक या सामाजिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया नहीं देतीं, लेकिन सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती हालत देखकर अब चुप रहना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वांगचुक अपने लिए नहीं बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर बातचीत शुरू करने में इतनी देर क्यों हो रही है।

 

'जब कुछ हो जाएगा तब जिम्मेदार कौन होगा?'
सोनाक्षी सिन्हा ने अपने वीडियो में भावुक अंदाज में कहा कि अगर सरकार समय रहते बातचीत नहीं करती और कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश के हित में आवाज उठाना किसी भी तरह देशविरोधी नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं भी इस देश की युवा हूं, देश का भला चाहती हूं, इसलिए सवाल पूछना मेरा अधिकार है।"


आंदोलन को मिला व्यापक राजनीतिक समर्थन
सोनम वांगचुक के आंदोलन को कई विपक्षी नेताओं का समर्थन मिल चुका है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा सहित कई राजनीतिक प्रतिनिधि जंतर-मंतर पहुंचकर अपना समर्थन जता चुके हैं। आम आदमी पार्टी ने 20 जुलाई को प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च का भी समर्थन किया है और लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से इसमें शामिल होने की अपील की है।


स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता, शिक्षा सुधार की मांग बरकरार
डॉक्टरों के अनुसार 19 दिनों से जारी भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक का वजन लगभग 9 किलोग्राम कम हो चुका है और स्वास्थ्य लगातार कमजोर हो रहा है। इसके बावजूद उन्होंने अनशन समाप्त करने से इनकार किया है। उनकी मुख्य मांग राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शिक्षा सुधार का मुद्दा अब राजनीतिक बहस के साथ-साथ राष्ट्रीय जनचर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।

 

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Vihaan Patel

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0 सेकंड पहले

Aam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.

Aryan Malhotra

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Logon ki madad karna hi asli dharam hai.

Diya Gupta

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Peedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.

Rohan Desai

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Nisha Shah

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47 मिनट पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

48 मिनट पहले

Samaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

2 घंटे पहले

Aam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.

Neel Saxena

Neel Saxena

3 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

3 घंटे पहले

Yeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.

Kavya Mishra

Kavya Mishra

3 घंटे पहले

Yeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.

Sneha Menon

Sneha Menon

4 घंटे पहले

Yeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.

Dhruv Bhatt

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5 घंटे पहले

Yeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.

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