Save Electricity Bills: 5-स्टार AC और फ्रिज के बावजूद क्यों आ रहा ज्यादा बिजली बिल?

Diya Gupta
0 सेकंड पहलेTech world mein itna bada change aane wala hai.
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेIs research se bahut logon ko faayda hoga.
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेArtificial Intelligence ab aur tezi se aage badh raha hai.
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेTechnology ki yeh khabar future badal sakti hai!
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेNaye zamane ki nai technology — sab samjhein, sab apnayein.
Aditya Verma
2 घंटे पहलेIs research se bahut logon ko faayda hoga.
Ritika Ghosh
3 घंटे पहलेTech world mein itna bada change aane wala hai.
Shruti Bajpai
3 घंटे पहलेIs research se bahut logon ko faayda hoga.
5-स्टार AC और फ्रिज के बावजूद क्यों बढ़ता है बिजली बिल?
गर्मी के मौसम में बिजली का बिल बढ़ने पर कई लोग AC और फ्रिज को इसकी वजह मानते हैं। बिजली की खपत कम करने के लिए कुछ परिवार 5-स्टार AC और एनर्जी एफिशिएंट फ्रिज खरीदते हैं, लेकिन इन उपकरणों की स्टार रेटिंग ही कम बिल की गारंटी नहीं देती। इनका इस्तेमाल किस तरह किया जाता है और तापमान की सेटिंग क्या रखी जाती है, इसका भी बिजली की खपत पर असर पड़ता है। AC का तापमान सही रखना, फ्रिज की कूलिंग जरूरत के अनुसार सेट करना और गैरजरूरी उपकरणों को स्टैंडबाय मोड में चालू न छोड़ना खर्च नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
AC को 18 के बजाय 24 डिग्री पर चलाएं
गर्मी से राहत पाने के लिए कई लोग AC चालू करते ही तापमान 18 या 20 डिग्री पर सेट कर देते हैं। हालांकि, तापमान बहुत कम रखने से कमरे में ठंडक आने की प्रक्रिया जरूरी नहीं कि तेज हो जाए। इससे कंप्रेसर को अधिक समय तक काम करना पड़ सकता है और बिजली की खपत बढ़ सकती है। ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) की सलाह के अनुसार, AC को 24 डिग्री सेल्सियस पर चलाना ऊर्जा बचाने का एक उपयोगी तरीका हो सकता है। हर एक डिग्री तापमान बढ़ाने पर बिजली की खपत में बचत संभव है, लेकिन वास्तविक बचत AC के मॉडल, कमरे के आकार, बाहरी तापमान और इस्तेमाल की अवधि पर निर्भर करती है। रात में स्लीप या इको मोड का उपयोग भी मददगार हो सकता है, यदि आपके AC में यह सुविधा उपलब्ध है।
फ्रिज का तापमान जरूरत के हिसाब से रखें
फ्रिज आमतौर पर पूरे दिन चालू रहता है, इसलिए उसकी तापमान सेटिंग भी बिजली के बिल को प्रभावित कर सकती है। सामान्य तौर पर फ्रिज के मुख्य हिस्से का तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस और फ्रीजर का तापमान लगभग माइनस 18 डिग्री सेल्सियस रखना उपयुक्त माना जाता है। हालांकि, अपने फ्रिज के मॉडल और निर्माता के निर्देशों के अनुसार सेटिंग तय करना जरूरी है। फ्रिज का दरवाजा बार-बार खोलने से ठंडी हवा बाहर निकलती है और अंदर का तापमान बनाए रखने के लिए कंप्रेसर को अधिक काम करना पड़ सकता है। इसी तरह, बहुत गर्म खाना सीधे फ्रिज में रखने से भी अंदर का तापमान बढ़ सकता है। फ्रिज को दीवार से बिल्कुल सटाकर रखने के बजाय उसके आसपास पर्याप्त जगह रखें, ताकि गर्मी बाहर निकल सके और कूलिंग सिस्टम ठीक से काम करे।
स्टैंडबाय मोड में भी खर्च हो सकती है बिजली
टीवी, सेट-टॉप बॉक्स, चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद दिखाई देने के बावजूद प्लग में लगे रहने पर कुछ बिजली इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे स्टैंडबाय या फैंटम पावर कहा जाता है। अलग-अलग उपकरणों में इसकी खपत अलग होती है, लेकिन लंबे समय तक गैरजरूरी उपकरणों को इस स्थिति में छोड़ने से बिजली का इस्तेमाल बढ़ सकता है। जिन उपकरणों की जरूरत नहीं है, उनका स्विच बंद कर दें या निर्माता के निर्देशों के अनुसार सुरक्षित होने पर प्लग निकाल दें। हालांकि, फ्रिज जैसे उपकरणों को लगातार बिजली की जरूरत होती है, इसलिए उन्हें नियमित रूप से प्लग से निकालना उचित नहीं है।
छोटी आदतों से लंबे समय में मिल सकती है बचत
बिजली का बिल कम करने के लिए हर बार नया उपकरण खरीदना जरूरी नहीं है। AC को उपयुक्त तापमान पर चलाना, फ्रिज की सेटिंग सही रखना और गैरजरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बिजली बंद करना उपयोगी कदम हो सकते हैं। इन उपायों से कितनी बचत होगी, यह घर में बिजली के इस्तेमाल, उपकरणों की क्षमता, उनकी स्थिति और रोजाना चलने के समय पर निर्भर करेगा। फिर भी, इन आदतों को अपनाकर बिजली की खपत पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सकता है।








