From ₹18K to ₹50L: ₹18 हजार की सैलरी से 75 लाख की संपत्ति तक पहुंचा 26 साल का युवक

₹18 हजार की सैलरी से 75 लाख की संपत्ति तक पहुंचा 26 साल का युवक
प्रतिक्रियाएँ
Aarav Sharma

Aarav Sharma

0 सेकंड पहले

Zindagi mein aise log hi role model hote hain.

Krishna Yadav

Krishna Yadav

0 सेकंड पहले

Yeh khabar padh ke dil bhar aaya, kya himmat hai!

Taushif Shekh

Taushif Shekh

0 सेकंड पहले

Aisi success stories sabko inspire karti hain.

Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

0 सेकंड पहले

Mehnat kabhi bekar nahi jaati, yeh aaj saabit hua.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

21 मिनट पहले

Yeh story sabko share karni chahiye, bahut motivating hai.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

1 घंटे पहले

Zindagi mein aise log hi role model hote hain.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

2 घंटे पहले

Yeh khabar padh ke dil bhar aaya, kya himmat hai!

Dev Kapoor

Dev Kapoor

3 घंटे पहले

Sapne dekhne waale hi unhe poora karte hain.

Sonu rai

Sonu rai

4 घंटे पहले

Yeh padhke lagta hai hum bhi kuch kar sakte hain!

Comments • Reactions • Feedback

₹18 हजार की शुरुआती सैलरी से शुरू हुआ सफर
मध्य प्रदेश के उज्जैन के रहने वाले 26 वर्षीय अर्जुन परमार की कहानी करियर में बदलाव, लगातार सीखने और निवेश की आदत से जुड़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक, अर्जुन ने अपने करियर की शुरुआत करीब 18,000 रुपये की मासिक इन-हैंड सैलरी से की थी। आज उनका सालाना सैलरी पैकेज लगभग 50 लाख रुपये बताया जा रहा है और पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने करीब 65 से 75 लाख रुपये की वित्तीय संपत्ति बनाई है। इस सफर में तकनीकी कौशल बढ़ाने, नौकरी बदलने और नियमित बचत करने की अहम भूमिका रही।

 

मैकेनिकल इंजीनियरिंग के बाद सीखी कोडिंग
अर्जुन के पिता इलेक्ट्रिकल सामान का छोटा कारोबार चलाते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। अर्जुन ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। कंप्यूटर साइंस से जुड़ी नौकरी पाने में कठिनाई आने पर उन्होंने प्रोग्रामिंग, कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सीखने पर ध्यान दिया। वर्ष 2023 में उन्हें टेक महिंद्रा में नौकरी मिली, जहां उनका शुरुआती सालाना पैकेज करीब 2.2 लाख रुपये बताया गया। सीमित कमाई के बावजूद उन्होंने अपने खर्चों को नियंत्रित रखा, माता-पिता को पैसे भेजे और वर्ष 2023 के आखिर में 5,000 रुपये की मासिक सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू की।

 

नौकरी बदलने के साथ बढ़ी कमाई और निवेश
करीब 15 महीने काम करने के बाद अक्टूबर 2024 में अर्जुन ने एक्सेंचर में नौकरी ज्वाइन की। यहां उनका सालाना पैकेज लगभग 12 लाख रुपये हो गया। बेंगलुरु में रहते हुए उन्होंने किराए, खाने और आने-जाने जैसे खर्चों को संभालते हुए अपनी मासिक SIP बढ़ाकर करीब 35,000 से 40,000 रुपये कर दी। अगस्त 2025 में उन्हें एक बड़ी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी में नौकरी मिली, जहां उनका सालाना पैकेज लगभग 45 लाख रुपये तक पहुंच गया। अधिक कमाई के साथ जीवनशैली से जुड़े खर्च भी बढ़े, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार वह हर महीने करीब एक से 1.25 लाख रुपये निवेश करते रहे।

 

नौकरी जाने के बाद आपातकालीन बचत आई काम
मई 2026 में कंपनी के पुनर्गठन के कारण अर्जुन की नौकरी चली गई। अधिक वेतन वाली नौकरी खोना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन उनके पास करीब 6 लाख रुपये का आपातकालीन फंड था। इस बचत ने उन्हें तुरंत निवेश बेचने के बजाय नई नौकरी की तलाश और तैयारी के लिए समय दिया। उन्होंने कोडिंग, तकनीकी इंटरव्यू और सिस्टम डिजाइन की तैयारी दोबारा शुरू की। कई प्रयासों के बाद सितंबर 2026 में उन्हें एक दूसरी बड़ी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी में नौकरी मिली। उनका नया सालाना सीटीसी करीब 50 लाख रुपये बताया गया है। हालांकि, सीटीसी और इन-हैंड सैलरी अलग-अलग होते हैं; टैक्स और अन्य कटौतियों के बाद उनकी मासिक इन-हैंड आय लगभग 2.8 से 3 लाख रुपये बताई गई है।

 

म्यूचुअल फंड और अन्य निवेशों से बनाई संपत्ति
अर्जुन की कुल वित्तीय संपत्ति का अनुमान करीब 65 से 75 लाख रुपये है। रिपोर्ट के अनुसार, उनके पोर्टफोलियो में लगभग 35 से 40 लाख रुपये म्यूचुअल फंड में, 7 से 10 लाख रुपये सीधे शेयरों में, 8 से 10 लाख रुपये कंपनी के शेयर आधारित मुआवजे यानी RSU में और 7 से 8 लाख रुपये आपातकालीन फंड में हैं। इसके अलावा सोने, कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), रिटायरमेंट बचत और क्रिप्टोकरेंसी में भी उनकी कुछ रकम लगी है। निवेश का मूल्य बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ बदल सकता है, इसलिए इन आंकड़ों को अनुमान के तौर पर देखना चाहिए। अर्जुन ने उज्जैन में अपने माता-पिता के लिए करीब 40 से 45 लाख रुपये का घर भी खरीदा है, जिसके लिए डाउन पेमेंट के बाद होम लोन लिया गया।

 

35 साल की उम्र तक 5 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य
अर्जुन अब 35 साल की उम्र तक 5 करोड़ रुपये का निवेश पोर्टफोलियो बनाने और करीब 40 साल की उम्र तक आर्थिक स्वतंत्रता हासिल करने का लक्ष्य रखते हैं। उनकी कहानी से यह सीख मिलती है कि कम कमाई के दौर में भी बचत की शुरुआत की जा सकती है और कौशल बढ़ाकर करियर में आगे बढ़ने के अवसर तलाशे जा सकते हैं। आय बढ़ने के साथ खर्चों को नियंत्रित रखना, नियमित निवेश करना और नौकरी जैसी अनिश्चितताओं के लिए आपातकालीन फंड तैयार रखना भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, किसी व्यक्ति की निवेश यात्रा के नतीजे हर किसी के लिए समान नहीं होते और म्यूचुअल फंड, शेयर तथा क्रिप्टोकरेंसी जैसे निवेशों में जोखिम बना रहता है।

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Aarav Sharma

Aarav Sharma

0 सेकंड पहले

Zindagi mein aise log hi role model hote hain.

Krishna Yadav

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0 सेकंड पहले

Yeh khabar padh ke dil bhar aaya, kya himmat hai!

Taushif Shekh

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0 सेकंड पहले

Aisi success stories sabko inspire karti hain.

Ritika Ghosh

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0 सेकंड पहले

Mehnat kabhi bekar nahi jaati, yeh aaj saabit hua.

Ananya Sharma

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21 मिनट पहले

Yeh story sabko share karni chahiye, bahut motivating hai.

Nidhi kumari

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1 घंटे पहले

Zindagi mein aise log hi role model hote hain.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

2 घंटे पहले

Yeh khabar padh ke dil bhar aaya, kya himmat hai!

Dev Kapoor

Dev Kapoor

3 घंटे पहले

Sapne dekhne waale hi unhe poora karte hain.

Sonu rai

Sonu rai

4 घंटे पहले

Yeh padhke lagta hai hum bhi kuch kar sakte hain!

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