Anurag Thakur Defends SIR: SIR के बचाव में उतरे अनुराग ठाकुर, विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

Nisha Shah
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Simran Arora
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Anil Sen
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Neel Saxena
43 मिनट पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Ananya Sharma
1 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Dev Kapoor
3 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Aarohi Chaudhary
3 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
SIR के समर्थन में अनुराग ठाकुर का बयान
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के विरोध पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में कुछ लोग विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं और विदेशी फंडिंग पर निर्भर हैं। ठाकुर ने विपक्ष पर भारत की प्रगति में बाधा डालने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। उनके बयान के केंद्र में मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया, मतदाता पंजीकरण के अवसर और चुनावी व्यवस्था को लेकर विपक्ष की आपत्तियां रहीं।
मतदाता सूची से नाम हटाने पर क्या बोले ठाकुर?
अनुराग ठाकुर ने दावा किया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान करीब 2 करोड़ मृत व्यक्तियों के नाम हटाए गए, जबकि दूसरी जगह चले जाने वाले लगभग 1 करोड़ लोगों के नाम भी सूची से हटाए गए। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों को मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने का अवसर दिया गया। ठाकुर के मुताबिक, लगभग 95 करोड़ मतदाताओं में से करीब 25 लाख नाम हटाए जाने का दावा है और संबंधित लोगों को जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने तथा औपचारिकताएं पूरी करने का मौका दिया गया। ये आंकड़े और दावे ठाकुर के बयान पर आधारित हैं।
BLA और BLO की भूमिका का किया उल्लेख
बीजेपी सांसद ने कहा कि राजनीतिक दलों को बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने की अनुमति होती है, जबकि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की नियुक्ति चुनावी व्यवस्था के तहत की जाती है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए चार से पांच महीने का समय उपलब्ध कराया जाता है। ठाकुर ने इसी आधार पर सवाल उठाया कि यदि मतदाताओं के नाम हटाने को लेकर विपक्ष की आशंकाएं सही नहीं हैं, तो प्रदर्शन और धरने क्यों किए जा रहे हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक चुनावी आंकड़ों और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की जानकारी देखना जरूरी है।
EVM और चुनाव आयुक्त को लेकर विपक्ष पर निशाना
अनुराग ठाकुर ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और चुनाव आयुक्त को लेकर विपक्ष के रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने पर विपक्षी दल चुनावी व्यवस्था को सही बताते हैं, जबकि हारने पर EVM और चुनाव आयुक्त की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं। ठाकुर ने विपक्ष के विरोध को देश की प्रगति रोकने की कोशिश बताया। यह उनका राजनीतिक आरोप है; इस बयान में विपक्ष की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
SIR को लेकर राजनीतिक बहस जारी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी है। विपक्ष के कुछ नेता इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि बीजेपी नेता इसे मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया के रूप में पेश कर रहे हैं। इस विवाद में वास्तविक स्थिति समझने के लिए हटाए गए नामों के आधिकारिक आंकड़े, दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया और पात्र मतदाताओं के पंजीकरण से संबंधित जानकारी महत्वपूर्ण होगी।








