MP Board Launches PARAKH Cell: मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल में शुरू हुआ परख सेल

मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल में शुरू हुआ परख सेल
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भोपाल में परख सेल की शुरुआत
मध्यप्रदेश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और परीक्षा प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने नई पहल की है। भोपाल स्थित मंडल परिसर में परख सेल का शुभारंभ किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाई, परीक्षा और विद्यार्थियों के मूल्यांकन की व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

 

उद्घाटन कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे मौजूद
परख सेल के उद्घाटन कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष रश्मि अरुण शमी और सचिव बुधेश कुमार वैद्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में मंडल की सामान्य सभा की सदस्य एवं विधायक मनीषा सिंह, जयसिंह नगर (शहडोल), विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, आमला (बैतूल), विधायक गौरव सिंह पारधी, कटंगी (बालाघाट) सहित मंडल के सदस्य, शिक्षाविद और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन मंडल की अतिरिक्त सचिव डॉ. प्रियंका गोयल ने किया।

 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पहल
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप की जा रही है। इसके माध्यम से प्रदेश की परीक्षा प्रणाली को देश के अन्य स्कूल बोर्डों के शैक्षणिक मानकों के साथ जोड़ने की तैयारी है। इसके लिए दक्षता आधारित प्रश्नपत्र, स्कूलों का मूल्यांकन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

 

दक्षता आधारित प्रश्नपत्र तैयार करने पर जोर
माध्यमिक शिक्षा मंडल अब ऐसे प्रश्नपत्र तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है, जिनमें विद्यार्थियों की केवल याद करने की क्षमता नहीं, बल्कि विषय को समझने और उसका उपयोग करने की योग्यता भी परखी जाएगी।

 

105 विषय विशेषज्ञों को दिया गया प्रशिक्षण
इसके लिए प्रदेश स्तर के 105 विषय विशेषज्ञों को परख, नई दिल्ली के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया है। इन 105 विशेषज्ञों ने आगे जिलों के करीब 2,000 विषय विशेषज्ञों को प्रशिक्षित किया है। ये विशेषज्ञ दक्षता आधारित प्रश्नपत्र तैयार करने में मदद करेंगे।

 

परीक्षा में समझ और उपयोग की क्षमता का मूल्यांकन
दक्षता आधारित प्रश्नपत्रों से बोर्ड परीक्षाओं में सवालों का स्वरूप बदलने और विद्यार्थियों की वास्तविक समझ का बेहतर मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी। इसका उद्देश्य रटने के बजाय विषयों की समझ और व्यावहारिक उपयोग पर ध्यान देना है।

 

ITMS पोर्टल पर तैयार होगा प्रश्न बैंक
माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से ITMS पोर्टल भी तैयार किया जा रहा है। इस पोर्टल पर अलग-अलग विषयों के दक्षता आधारित प्रश्नों का बैंक अपलोड किया जाएगा। इससे प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों को व्यवस्थित प्रश्न बैंक उपलब्ध होगा।

 

प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता और एकरूपता पर जोर
प्रश्न बैंक की मदद से प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता बनाए रखने और परीक्षा के स्तर में एकरूपता लाने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञ उपलब्ध प्रश्नों के आधार पर विद्यार्थियों की विषय संबंधी समझ और दक्षताओं का मूल्यांकन कर सकेंगे।

 

स्कूलों की गुणवत्ता जांचने के लिए बनेगा SSSA
स्कूलों की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्टेट स्कूल स्टैंडर्ड अथॉरिटी (SSSA) के गठन की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसके गठन के लिए मध्यप्रदेश शासन ने माध्यमिक शिक्षा मंडल को अधिकृत किया है।

 

स्कूल क्वालिटी असेसमेंट फ्रेमवर्क पर काम
इसके साथ ही स्कूल क्वालिटी असेसमेंट एंड एश्योरेंस फ्रेमवर्क (SQAAF) पर भी काम हो रहा है। यह स्कूलों के लिए स्व-मूल्यांकन का टूल है। इसके माध्यम से स्कूल अपनी पढ़ाई, प्रबंधन, संसाधनों, मूल्यांकन व्यवस्था और समावेशी शिक्षा से जुड़ी जानकारी देंगे।

 

15 स्कूलों में चल रहा पायलट प्रोजेक्ट
स्कूलों से मिली जानकारी के आधार पर उनकी गुणवत्ता का आकलन किया जाएगा और उन्हें ग्रेडिंग दी जाएगी। फिलहाल प्रदेश के 15 स्कूलों में SQAAF का पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है।

 

162 स्कूलों में लागू हुआ होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड
विद्यार्थियों के विकास को केवल परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं रखने के लिए होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (HPC) भी शुरू किया जा रहा है। यह 360 डिग्री मूल्यांकन प्रणाली है। इसमें पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों के अन्य कौशल और सर्वांगीण विकास को भी समझने की कोशिश की जाएगी।

 

कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों पर पायलट प्रोजेक्ट
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परख द्वारा तैयार HPC को इस शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के करीब 162 स्कूलों में कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है।

 

अगले सत्र से सभी स्कूलों में लागू करने की तैयारी
अगले शैक्षणिक सत्र से इसे प्रदेश के सभी स्कूलों में लागू करने की प्रक्रिया चल रही है। इससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के साथ उनकी दूसरी क्षमताओं का भी रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा।

 

क्या है परख और इसका उद्देश्य?
परख का पूरा नाम परफॉर्मेंस असेसमेंट, रिव्यू एंड एनालिसिस ऑफ नॉलेज फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट है। यह NCERT के अंतर्गत स्थापित राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र है। इसकी स्थापना 8 फरवरी 2023 को की गई थी।

 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रमुख कार्य
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत परख का उद्देश्य देश के अलग-अलग स्कूल बोर्डों के बीच शैक्षणिक और मूल्यांकन मानकों में समानता लाना है। इसके लिए दक्षता आधारित मूल्यांकन, प्रश्नपत्रों में सुधार, स्कूलों की गुणवत्ता जांच और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर काम किया जा रहा है।

 

स्कूल बोर्डों के बीच समानता पर ध्यान
NCERT के अनुसार परख के प्रमुख कार्यों में स्कूल बोर्डों के बीच समानता, दक्षता आधारित मूल्यांकन, राष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों की उपलब्धियों का सर्वे और होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड तैयार करना शामिल है।

 

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल का परख सेल प्रदेश की परीक्षा प्रणाली और स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस पहल के जरिए विद्यार्थियों की समझ, कौशल और स्कूलों के शैक्षणिक स्तर का अधिक व्यवस्थित तरीके से मूल्यांकन करने पर जोर रहेगा।

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