25 शादियां और करोड़ों की ठगी का आरोप: पहचान छिपाकर महिलाओं से शादी

Anil Sen
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Sonu rai
0 सेकंड पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।अनुज त्रिवेदी और उसके बेटे प्रखर त्रिवेदी पर करीब 25 महिलाओं से पहचान छिपाकर शादी करने का आरोप है।शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने अलग-अलग राज्यों में महिलाओं और उनके परिवारों को कथित तौर पर अपने जाल में फंसाया।इसके बाद शादी और रिश्तों के जरिए आर्थिक ठगी किए जाने के आरोप सामने आए हैं।मामला तब सुर्खियों में आया जब सेउता से भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है।
BJP विधायक की बेटी की शादी से खुला मामला
भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने वर्ष 2024 में अपनी बेटी डॉ. प्रज्ञा तिवारी की शादी प्रखर त्रिवेदी से की थी।आरोप है कि शादी के समय प्रखर के परिवार ने खुद को बड़े कारोबारी परिवार के रूप में पेश किया था।बताया गया कि परिवार ने मुंबई में बड़े रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े होने का दावा किया था।बाद में विधायक परिवार को आरोपियों के बारे में कई चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं।इसके बाद पूरे मामले की पड़ताल शुरू हुई और कथित पुराने मामलों की जानकारी सामने आने लगी।विधायक ने आखिरकार आरोपियों के खिलाफ रेउसा थाने में FIR दर्ज कराई।
महिलाओं को शादी के नाम पर फंसाने का आरोप
आरोप है कि पिता-पुत्र ने अलग-अलग जगहों पर महिलाओं और उनके परिवारों से संपर्क कर शादी का रिश्ता बनाया।कथित तौर पर खुद को आर्थिक रूप से मजबूत और प्रभावशाली बताकर भरोसा हासिल किया जाता था।शादी के बाद महिलाओं से आर्थिक लाभ लेने और परिवारों से पैसे ऐंठने के आरोप लगाए गए हैं।कुछ शिकायतों में निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिए कथित ब्लैकमेलिंग का भी दावा किया गया है।हालांकि इन आरोपों की विस्तृत पुष्टि पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही में होगी।पुलिस अब अन्य संभावित पीड़ित महिलाओं और पुराने मामलों की जानकारी जुटा रही है।
रेउसा थाने में FIR, आरोपी गिरफ्तार
मामला सामने आने के बाद भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने सीतापुर के रेउसा थाने में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।इसके बाद अनुज त्रिवेदी और उसके बेटे प्रखर त्रिवेदी को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई।पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर कथित ठगी के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।जांच एजेंसियां बैंक खातों और आर्थिक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाल सकती हैं।मामले में अन्य पीड़ितों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया से सामने आई कथित सच्चाई
विधायक परिवार को आरोपियों के बारे में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से जानकारी मिलने के बाद मामला गंभीर हुआ।आरोपियों के कथित पुराने मामलों और दूसरी महिलाओं से संबंधों को लेकर सवाल उठने लगे।इसके बाद विधायक परिवार ने मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचाई।पुलिस अब सामने आए दावों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।करीब 25 महिलाओं से शादी के दावे की पुष्टि के लिए दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और कथित ठगी की पूरी रकम स्पष्ट हो सकेगी।
शादी के नाम पर ठगी के आरोपों से मचा हड़कंप
सीतापुर के इस मामले ने शादी के जरिए कथित धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मामले में एक भाजपा विधायक का परिवार भी कथित तौर पर पीड़ित पक्ष के रूप में सामने आया है।आरोपियों पर पहचान और आर्थिक स्थिति को लेकर गलत जानकारी देने के आरोप हैं।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर कितनी महिलाओं को निशाना बनाया गया।साथ ही ठगी की रकम और दूसरे राज्यों में दर्ज मामलों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है।





