FSSAI की डाबर पर बड़ी कार्रवाई: 100% शुद्ध' दावों पर FSSAI की रोक

Kunal Rao
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने डाबर इंडिया लिमिटेड (Dabur India) के कई खाद्य उत्पादों पर '100% शुद्ध', '100% नेचुरल' और '100% ऑर्गेनिक' जैसे दावों के साथ बिक्री करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। नियामक ने इन दावों को भ्रामक, अस्पष्ट और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला बताते हुए कंपनी से 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
इन प्रमुख उत्पादों पर हुई कार्रवाई
FSSAI के आदेश के अनुसार, डाबर की आधिकारिक वेबसाइट पर बिक रहे कई लोकप्रिय उत्पाद इस कार्रवाई के दायरे में आए हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
डाबर शहद (Honey)
गाय का घी (Cow Ghee)
एप्पल साइडर विनेगर (Apple Cider Vinegar)
वर्जिन नारियल तेल
तिल का तेल
नारियल पानी
कोकोनट मिल्क (Coconut Milk)
शामिल हैं। इन उत्पादों पर किए गए '100% शुद्धता' संबंधी दावों पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
FSSAI ने बताए कार्रवाई के प्रमुख कारण
नियामक के अनुसार, कंपनी द्वारा '100% Pure', '100% Natural', '100% Purity Guarantee' और '100% Organic' जैसे शब्दों का उपयोग Food Safety and Standards (Advertising and Claims) Regulations, 2018 के अनुरूप नहीं है।FSSAI का कहना है कि ऐसे निरपेक्ष दावे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और स्वतंत्र रूप से सत्यापित होने चाहिए। बिना पर्याप्त प्रमाण के इनका उपयोग उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है।
'जैविक भारत' लोगो पर भी आपत्ति
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ उत्पादों, जैसे डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी, पर वैध प्रमाणन के बिना 'जैविक भारत (Jaivik Bharat)' का लोगो प्रदर्शित किया गया था।इसके अलावा, कोकोनट मिल्क जैसे मिश्रित खाद्य उत्पादों पर भी '100% शुद्धता' का दावा किया गया, जिसे नियामक ने नियमों के विरुद्ध माना है।
पहले भी जारी किया गया था नोटिस
FSSAI ने बताया कि कंपनी को पहले भी ऐसे दावे हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि, नियामक के अनुसार समय पर संतोषजनक सुधारात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण अब सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करना पड़ा।इसी के तहत कंपनी से 15 दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण और अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई है।
डाबर इंडिया ने क्या कहा?
डाबर इंडिया ने आधिकारिक प्रतिक्रिया में कहा है कि कंपनी को FSSAI का आदेश प्राप्त हो गया है और वह नियामक के निर्देशों की समीक्षा कर रही है। कंपनी के अनुसार, वेबसाइट पर मौजूद दावों, पैकेजिंग और लेबलिंग की जांच शुरू कर दी गई है तथा आवश्यक संशोधन किए जाएंगे ताकि सभी नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जा सके।
उपभोक्ताओं के लिए क्या है संदेश?
यह कार्रवाई खाद्य उत्पादों के विज्ञापन और लेबलिंग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी खाद्य उत्पाद पर किए जाने वाले दावे वैज्ञानिक प्रमाणों और नियामकीय मानकों के अनुरूप होने चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को सही और भरोसेमंद जानकारी मिल सके। FSSAI ने कंपनियों को भी स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रामक दावों के मामले में नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।








