NEET-UG 2026 विवाद: प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच पहली औपचारिक वार्ता

Reyansh Joshi
16 मिनट पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Aarav Sharma
2 घंटे पहलेLogon ki madad karna hi asli dharam hai.
Priya Iyer
5 घंटे पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Krishna Yadav
5 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Ravi sinha
7 घंटे पहलेHum is cause ke saath hain!
Priya Iyer
9 घंटे पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
NEET-UG 2026 से जुड़े कथित पेपर लीक विवाद और अन्य मुद्दों को लेकर दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच सोमवार को सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच पहली औपचारिक बातचीत हुई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। यह बैठक उस समय हुई जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी 'संसद चलो' मार्च के तहत संसद की ओर बढ़ रहे थे।
जेपी नड्डा ने क्या कहा?
बैठक के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पहली बार सरकार के साथ औपचारिक बातचीत का प्रस्ताव आया। उनके अनुसार सुबह 11:50 बजे से वार्ता शुरू हुई, जिसमें पहले मौखिक चर्चा हुई और बाद में शाम लगभग 4 बजे प्रतिनिधिमंडल ने लिखित ज्ञापन सौंपा।
नड्डा ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर उचित स्तर पर विचार किया जाएगा।
CJP ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
प्रतिनिधिमंडल में शामिल CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं—
- सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या पद से हटाने की मांग।
- संगठन के अनुसार, NEET-UG 2026 विवाद से जुड़े कथित आत्महत्या मामलों में प्रभावित छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा।
प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि वर्ष 2026 में विभिन्न परीक्षाओं के संचालन को लेकर शिक्षा मंत्रालय गंभीर सवालों के घेरे में है। हालांकि इन आरोपों पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सरकार ने अभी कोई अंतिम आश्वासन नहीं दिया
बैठक के बाद CJP नेताओं ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने उनकी मांगों को सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंचाने का भरोसा दिया है। हालांकि, संगठन के अनुसार फिलहाल किसी भी मांग को स्वीकार करने या लागू करने का कोई अंतिम आश्वासन नहीं मिला है। CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा।
संसद मार्च के दौरान बढ़ाई गई सुरक्षा
सोमवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी 'संसद चलो' मार्च के तहत संसद की ओर बढ़े। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
संसद परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी तैनात किए गए तथा एहतियात के तौर पर कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद किए गए।
राजनीतिक गतिविधियां भी तेज
इसी दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की संसद परिसर में मुलाकात भी हुई। हालांकि इस बैठक को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
क्या निकलेगा कोई समाधान?
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच औपचारिक बातचीत शुरू होना इस पूरे आंदोलन का महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। फिलहाल सरकार ने प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन प्राप्त कर उस पर विचार करने की बात कही है, जबकि CJP ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगामी दिनों में दोनों पक्षों के बीच आगे की बातचीत क्या परिणाम लेकर आती है और क्या इससे NEET-UG 2026 विवाद को लेकर चल रहे आंदोलन का कोई समाधान निकल पाता है।








