माता-पिता ने एक महीने के नवजात को ₹1 लाख में बेचा: स्वास्थ्य कर्मियों की सतर्कता से हुआ बाल तस्करी का पर्दाफाश

Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Simran Arora
3 घंटे पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Vaishali shinde
4 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Yash Kulkarni
5 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Rohan Desai
5 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Neel Saxena
6 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Sonu rai
6 घंटे पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Dev Kapoor
7 घंटे पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Myra Dubey
7 घंटे पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Kabir Shukla
8 घंटे पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Diya Gupta
8 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
गरीबी में माता-पिता ने एक महीने के नवजात को बेचा
तेलंगाना के महबूबनगर जिले के तेलुगुगुडेम गांव से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक मजदूर दंपति ने अपने एक महीने के नवजात बेटे को कथित तौर पर एक लाख रुपये में बेच दिया। घटना सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
टीकाकरण के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को हुआ शक
मामले का खुलासा तब हुआ जब स्वास्थ्य कर्मी नियमित टीकाकरण के लिए दंपति के घर पहुंचे। घर में बच्चा नहीं मिलने पर माता-पिता ने दावा किया कि उसकी मौत हो चुकी है। उनके जवाब पर संदेह होने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने तत्काल इसकी जानकारी आईसीडीएस अधिकारियों को दी, जिससे पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बचाया
आईसीडीएस सुपरवाइजर जगदीश्वरी ने 17 जुलाई 2026 को महबूबनगर ग्रामीण पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महबूबनगर शहर में छापा मारा और खरीदार के कब्जे से मासूम बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। चिकित्सकीय जांच में बच्चा पूरी तरह स्वस्थ पाया गया।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की निगरानी में रखा गया नवजात
कानूनी और चिकित्सीय औपचारिकताएं पूरी होने तक नवजात को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) की देखरेख में रखा गया है। संबंधित विभाग बच्चे की सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। प्रशासन ने कहा है कि बच्चे के हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।
खरीदार और बिचौलिए समेत कई लोगों पर केस दर्ज
पुलिस ने बच्चे को खरीदने वाले आरोपी तरुण और इस सौदे में कथित बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले भीमैया के खिलाफ मामला दर्ज किया है। साथ ही माता-पिता की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और किशोर न्याय अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य कर्मियों की सतर्कता से बची मासूम की जिंदगी
यदि स्वास्थ्य कर्मी टीकाकरण के दौरान बच्चे की अनुपस्थिति पर सवाल नहीं उठाते, तो यह मामला शायद कभी सामने नहीं आता। उनकी सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से नवजात को सुरक्षित बचा लिया गया। यह घटना बाल तस्करी, गरीबी और बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर समाज और प्रशासन के लिए बड़ा संदेश है।








