ड्राइवर के घर 50 करोड़ से की नकदी और सोना बरामद: 19 घंटे चली छापेमारी, 5 मशीनें हुईं खराब

Anil Sen
0 सेकंड पहलेPeedit ko jald se jald nyay milna chahiye.
Dev Kapoor
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेGawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.
Aryan Malhotra
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पूर्व सरकारी बस ड्राइवर मीनार मंडल के घर से ₹50 करोड़ से अधिक मूल्य की बेहिसाब संपत्ति बरामद की। मोहम्मदबाजार थाना क्षेत्र के देवचा गांव स्थित मकान पर हुई छापेमारी में ₹28.5 करोड़ से अधिक नकद और लगभग 15 किलोग्राम सोना मिला। बरामदगी के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और जांच एजेंसियां संपत्ति के स्रोत का पता लगाने में जुट गई हैं।
19 घंटे चली कार्रवाई, नोट गिनने की 5 मशीनें हुईं खराब
छापेमारी बुधवार तड़के शुरू हुई और करीब 19 घंटे तक लगातार चलती रही। भारी मात्रा में नकदी मिलने के कारण स्थानीय बैंकों से कैश काउंटिंग मशीनें मंगाई गईं, लेकिन लगातार उपयोग के चलते पांच मशीनें खराब हो गईं। देर रात तक नोटों की गिनती पूरी होने के बाद नकदी और सोने को सीलबंद कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया।
₹35 हजार पेंशन पाने वाले ड्राइवर के पास करोड़ों की संपत्ति
प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी मीनार मंडल सरकारी परिवहन निगम से सेवानिवृत्त बस चालक है और उसे लगभग ₹35 हजार मासिक पेंशन मिलती है। इतनी सीमित आय के बावजूद उसके घर से करोड़ों रुपये की नकदी और सोना मिलने से जांच एजेंसियां हैरान हैं। अब आय के स्रोत, बैंक लेन-देन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।
पत्थर कारोबारी से जुड़े होने की जांच, कई बड़े खुलासों के संकेत
पुलिस का दावा है कि आरोपी फरार पत्थर कारोबारी तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन का करीबी रिश्तेदार और मैनेजर बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि बरामद संपत्ति अवैध खनन, पत्थर कारोबार और अन्य आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी हो सकती है। मामले में कई अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज, केंद्रीय एजेंसियों की एंट्री संभव
इतनी बड़ी बरामदगी के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष ने मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी। मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों के शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है।
संपत्ति के स्रोत की जांच जारी, कई अहम दस्तावेज जब्त
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वित्तीय रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बरामद नकदी और सोने के वास्तविक स्रोत, संभावित नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है। यदि वित्तीय अनियमितताओं के ठोस प्रमाण मिलते हैं तो मामले में अन्य एजेंसियां भी कार्रवाई कर सकती हैं।








