कंगना के बयान पर सियासी घमासान: विवाद बढ़ने पर कंगना ने दी सफाई
Monika Das
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Ananya Sharma
0 सेकंड पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Monika Das
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Rohan Desai
0 सेकंड पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने हालिया छात्र आंदोलनों के दौरान इस्तेमाल की जा रही भाषा और व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अश्लील भाषा का प्रयोग करने वाले किसी भी दृष्टि से छात्र नहीं लगते। उनके अनुसार विरोध दर्ज कराने का लोकतांत्रिक अधिकार सभी को है, लेकिन मर्यादा और जिम्मेदारी का पालन भी उतना ही जरूरी है। इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई।
अपने संघर्ष का उदाहरण देकर युवाओं को दी सीख
कंगना रनौत ने कहा कि उन्होंने 16 वर्ष की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था और कभी अपने माता-पिता पर आर्थिक बोझ नहीं बनीं। उन्होंने युवाओं से आत्मनिर्भर बनने और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की। उनका कहना था कि संघर्ष और मेहनत से आगे बढ़ना ही सही रास्ता है। उन्होंने युवाओं को कानून और व्यवस्था का सम्मान करने की सलाह भी दी।
परिवारों पर कानूनी मामलों का बोझ बताया
कंगना ने कहा कि यदि युवा हिंसक घटनाओं या कानूनी विवादों में फंसते हैं तो इसका सबसे बड़ा असर उनके परिवारों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई परिवार अदालतों और वकीलों के खर्च तक वहन करने में सक्षम नहीं होते। इससे आर्थिक संकट के साथ सामाजिक प्रतिष्ठा भी प्रभावित होती है। उन्होंने युवाओं से ऐसे हालात से बचने की अपील की।
बयान पर विपक्ष का कड़ा विरोध
कंगना रनौत की टिप्पणी पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों की लोकतांत्रिक मांगों और आंदोलनों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। कई नेताओं ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके चरित्र और व्यवहार पर सवाल उठा रही है। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
कंगना के बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय दो हिस्सों में बंटी दिखाई दी। एक वर्ग ने उनके बयान का समर्थन करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान अभद्र भाषा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है। वहीं दूसरे वर्ग ने इसे छात्रों के प्रति अनुचित और कठोर टिप्पणी बताया। विभिन्न मंचों पर इस विषय को लेकर व्यापक चर्चा जारी है।
विवाद बढ़ने पर कंगना ने दी सफाई
बयान पर बढ़ते विवाद के बाद कंगना रनौत ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पूरी युवा पीढ़ी या सभी छात्रों को निशाना बनाना नहीं था। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी केवल उन लोगों के लिए थी जो प्रदर्शन के दौरान अशोभनीय और अश्लील व्यवहार कर रहे थे। उन्होंने दोहराया कि उन्होंने हमेशा मेहनती, प्रतिभाशाली और देश का नाम रोशन करने वाले युवाओं की सराहना की है। इसके बावजूद यह मुद्दा राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का केंद्र बना हुआ है।




