Madhubani ASI Firing Case: मधुबनी में ASI की गोलीबारी से एक ग्रामीण की मौत

Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेSociety ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.
Simran Arora
57 मिनट पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Trapti Tanwar
57 मिनट पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
Sonu rai
2 घंटे पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Vaishali shinde
3 घंटे पहलेPolice ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.
Arjun Singh
3 घंटे पहलेPoori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.
मधुबनी में ASI की गोलीबारी से एक ग्रामीण की मौत
बिहार के मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गांव में देर रात गोलीबारी की घटना सामने आई। पुलिस पिकेट पर तैनात सहायक उपनिरीक्षक (ASI) चंद्रमोहन सिंह की कथित फायरिंग में 50 वर्षीय अशोक यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ग्रामीण घायल हो गए। मृतक की बेटी की शादी 14 दिसंबर को होनी थी। बताया गया है कि उसका पति बेंगलुरु में पान की दुकान चलाता है।
घर में घुसने के आरोप के बाद ग्रामीणों ने घेरा
जानकारी के अनुसार, बलिराजगढ़ निवासी विजय यादव की पत्नी मायके गई हुई थी। घर में उनकी बेटी और पड़ोसी अशोक यादव की बेटी सो रही थीं। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात ASI गलत नीयत से विजय यादव के घर में घुसा था। इसकी भनक लगने पर पड़ोस में रहने वाली फूलो देवी ने बाहर से दरवाजे की सिटकनी बंद कर दी और शोर मचा दिया।
ग्रामीणों की भीड़ पर फायरिंग का आरोप
शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। खुद को घिरा देखकर आरोपी ASI ने अपनी सर्विस पिस्टल से पांच से छह राउंड फायरिंग कर दी। गोलीबारी में अशोक यादव, धनिक लाल यादव, फूलो देवी और विजेंद्र यादव घायल हो गए।
अस्पताल में अशोक यादव को मृत घोषित किया
सभी घायलों को बाबूबरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने अशोक यादव को मृत घोषित कर दिया। अन्य तीन घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद मधुबनी के पुलिस अधीक्षक रात से ही बाबूबरही थाने में कैंप कर रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
अवैध संबंध के आरोप में जांच का दायरा बढ़ा
बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस पिकेट बनाई गई है, जहां ASI चंद्रमोहन सिंह की तैनाती थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी योगेंद्र कुमार के अनुसार, ASI सामान लेने के लिए वहां आता-जाता था। इसी दौरान एक महिला के साथ उसके कथित अवैध संबंध बन गए थे और वह अक्सर उसके घर जाने लगा था। घटना की रात भी वह उसी महिला के पास गया था।
ग्रामीणों की निगरानी और घेराव की बात आई सामने
पुलिस अधिकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से ग्रामीण ASI की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। घटना वाली रात ग्रामीणों ने संबंधित घर को चारों तरफ से घेर लिया था। खुद को ग्रामीणों के आक्रोश से बचाने के लिए ASI ने तीन से चार राउंड गोलियां चलाईं, जिसमें चार लोग घायल हुए।
पुलिस पिकेट में तैनात थे ASI और होमगार्ड जवान
जानकारी के मुताबिक, बलिराजगढ़ में सुरक्षा के लिए बनाई गई पुलिस पिकेट पर एक ASI और तीन होमगार्ड जवान तैनात थे। चंद्रमोहन सिंह पहले मधवापुर थाने में भी रह चुका है। वहां भी उसके खिलाफ पूर्व में घटना होने की जानकारी सामने आई है।
आरोपी ASI निलंबित, हत्या का मामला दर्ज
घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ASI चंद्रमोहन सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है और घटना के बाद से वह फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।








