RBI: डिजिटल बैंकिंग की सुरक्षा पर RBI सख्त

डिजिटल बैंकिंग की सुरक्षा पर RBI सख्त
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Pooja Reddy

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1 घंटे पहले

Apradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

1 घंटे पहले

Hum is cause ke saath hain!

Ada khan

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3 घंटे पहले

Is performance par poore desh ko garv hai.

Harsh Pandya

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3 घंटे पहले

Gawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.

Anjali Patil

Anjali Patil

3 घंटे पहले

Investigation mein koi loophole zaroor hai.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

5 घंटे पहले

Trending news — padhe zaroor aur dosto ko bhejo.

Aryan Malhotra

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5 घंटे पहले

Peedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.

Ravi sinha

Ravi sinha

6 घंटे पहले

Itna bada announcement! Fans bahut excited honge.

Ravi sinha

Ravi sinha

7 घंटे पहले

Poori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.

Neel Saxena

Neel Saxena

8 घंटे पहले

Rishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.

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डिजिटल बैंकिंग की सुरक्षा पर RBI सख्त

साइबर ठगी रोकने के लिए AI निगरानी, डेटा सेंटर और ग्राहक सुरक्षा पर जोर

नई दिल्ली: देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल लेन-देन के बीच ऑनलाइन बैंकिंग और साइबर धोखाधड़ी की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। इसे देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और केंद्र सरकार बैंकिंग व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी ढांचे, साइबर निगरानी और ग्राहक संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य केवल ऑनलाइन ठगी रोकना नहीं, बल्कि ग्राहकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा और साइबर हमलों के दौरान बैंकिंग सेवाओं को सुचारू बनाए रखना भी है।

डिजिटल सुरक्षा के लिए मजबूत होगा बुनियादी ढांचा

बैंकिंग सुरक्षा को मजबूत करने के लिए RBI तकनीकी सुविधाओं के विस्तार पर काम कर रहा है। भुवनेश्वर में नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान की शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे डिजिटल बैंकिंग के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ साइबर सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों और कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देने में मदद मिलेगी।

बैंकों की IT प्रणालियों पर बढ़ी निगरानी

RBI बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की सूचना प्रौद्योगिकी (IT) प्रणालियों की जांच और निगरानी करता है। इसका उद्देश्य सिस्टम की कमजोरियों की पहचान करना और संभावित साइबर हमलों से पहले सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है। अक्टूबर 2026 में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी AI से जुड़े साइबर जोखिमों को लेकर सतर्कता बरतने और बैंकिंग सिस्टम की कमजोरियों को दूर करने की जरूरत पर जोर दिया।

 

AI से पकड़ी जाएगी ऑनलाइन ठगी

डिजिटल धोखाधड़ी रोकने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग की भूमिका बढ़ रही है। इनके जरिए बैंक संदिग्ध लेन-देन की पहचान कर सकते हैं और धोखाधड़ी के नए तरीकों को समय रहते पकड़ सकते हैं।

इसके अलावा 'म्यूलहंटर' जैसे तकनीकी समाधान ऐसे बैंक खातों की पहचान करने में मदद करते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजने के लिए किया जाता है। नेटवर्क विश्लेषण के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े संदिग्ध लेन-देन की कड़ियां भी खोजी जा सकती हैं।

 

डिजिटल भुगतान के लिए सुरक्षा मानक

इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और कार्ड से भुगतान को सुरक्षित बनाने के लिए RBI ने बैंकों को विभिन्न सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए हैं। इनमें मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और फिशिंग जैसे साइबर हमलों से बचाव के उपाय शामिल हैं।

इन मानकों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि डिजिटल भुगतान के दौरान ग्राहकों की पहचान और वित्तीय जानकारी सुरक्षित रहे।

 

साइबर ठगी होने पर कहां करें शिकायत?

ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने वाले लोगों की मदद के लिए सरकार ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की व्यवस्था की है। ग्राहक साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करा सकते हैं और समय रहते बैंक को भी इसकी सूचना दे सकते हैं।

वहीं, छोटे मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन में धोखाधड़ी से जुड़े मुआवजे के विषय पर RBI ने मार्च 2026 में संशोधित निर्देशों का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया था। इसे अंतिम रूप से लागू नियम मानने से पहले RBI की आधिकारिक अधिसूचना देखना जरूरी है।

 

सुरक्षित बैंकिंग के लिए जरूरी हैं ये कदम

डिजिटल बैंकिंग को सुरक्षित बनाने के लिए केवल बैंक और सरकार की जिम्मेदारी पर्याप्त नहीं है। ग्राहकों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। अनजान लिंक पर क्लिक करने, OTP और PIN साझा करने तथा संदिग्ध कॉल पर बैंकिंग जानकारी देने से बचना जरूरी है।

कुल मिलाकर, RBI और केंद्र सरकार की ये पहलें देश की डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। AI आधारित निगरानी, आधुनिक तकनीकी ढांचा और बेहतर शिकायत व्यवस्था से साइबर धोखाधड़ी के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

 

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Pooja Reddy

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1 घंटे पहले

Apradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

1 घंटे पहले

Hum is cause ke saath hain!

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Ada khan

3 घंटे पहले

Is performance par poore desh ko garv hai.

Harsh Pandya

Harsh Pandya

3 घंटे पहले

Gawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.

Anjali Patil

Anjali Patil

3 घंटे पहले

Investigation mein koi loophole zaroor hai.

Nidhi kumari

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5 घंटे पहले

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Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

5 घंटे पहले

Peedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.

Ravi sinha

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6 घंटे पहले

Itna bada announcement! Fans bahut excited honge.

Ravi sinha

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Neel Saxena

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8 घंटे पहले

Rishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.

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