सावन सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में हादसा: भगदड़ में 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत

भगदड़ में 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत
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Aarav Sharma

Aarav Sharma

9 घंटे पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Payal jadon

Payal jadon

9 घंटे पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Ravi sinha

Ravi sinha

9 घंटे पहले

Yeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.

Ishaan Tiwari

Ishaan Tiwari

9 घंटे पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

Ada khan

Ada khan

13 घंटे पहले

Gawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.

Dev Kapoor

Dev Kapoor

13 घंटे पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Monika Das

Monika Das

14 घंटे पहले

Kanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.

Diya Gupta

Diya Gupta

15 घंटे पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

16 घंटे पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

16 घंटे पहले

Poori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.

Nidhi kumari

Nidhi kumari

17 घंटे पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

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सावन सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में हादसा
बिहार के लखीसराय जिले से सावन के तीसरे सोमवार को बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में जलाभिषेक के दौरान सुबह के समय अचानक भगदड़ मच गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस हादसे में 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 14 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और श्रद्धालुओं के बीच चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को तत्काल इलाज के लिए लखीसराय सदर अस्पताल पहुंचाया गया।


50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़
जानकारी के अनुसार सावन का तीसरा सोमवार होने के कारण सुबह से ही अशोकधाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। इसी दौरान अशोकधाम हॉल्ट पर दो ट्रेनों के आने से अचानक श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ गई। बताया जा रहा है कि मंदिर और आसपास के क्षेत्र में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की मौजूदगी हो गई थी। भारी भीड़ के बीच मंदिर परिसर की ओर जाने वाले रास्तों पर लोगों का दबाव लगातार बढ़ता गया। भीड़ बढ़ने के कारण श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने में परेशानी होने लगी। इसी दौरान हालात अचानक बिगड़ गए और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई।


बैरिकेड टूटने के बाद बिगड़े हालात
शुरुआती जानकारी के मुताबिक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड्स टूट गए। बैरिकेड टूटते ही भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया और कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। देखते ही देखते मंदिर परिसर के आसपास भगदड़ मच गई और लोगों में अपनी जान बचाने के लिए भागने की होड़ लग गई। इस दौरान कई श्रद्धालु भीड़ के नीचे दब गए। मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने बचाव अभियान शुरू किया। प्रशासन की टीमों ने घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजने की कार्रवाई की।

 

बिजली के खंभे को लेकर अफवाह से बढ़ी अफरा-तफरी
हादसे के दौरान स्थानीय स्तर पर बिजली का खंभा गिरने और करंट फैलने की अफवाह की बात भी सामने आई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस अफवाह के बाद भीड़ में अचानक डर और घबराहट फैल गई। लोग खुद को सुरक्षित करने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे पहले से दबाव में मौजूद भीड़ और बेकाबू हो गई। हालांकि बिजली के खंभे और करंट से जुड़ी इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि अभी जरूरी है। फिलहाल प्रशासन पूरे घटनाक्रम के कारणों की जांच कर रहा है। हादसे के वास्तविक कारण और भगदड़ शुरू होने की पूरी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


घायलों का अस्पताल में चल रहा इलाज
भगदड़ की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस बल सक्रिय हो गया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। हादसे में घायल हुए श्रद्धालुओं को तत्काल लखीसराय सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में घायलों के इलाज के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं और डॉक्टरों की टीम उपचार में जुटी हुई है। शुरुआती जानकारी में 14 से अधिक लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, हालांकि उनकी विस्तृत मेडिकल स्थिति की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। मंदिर परिसर में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।


मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता
हादसे पर बिहार सरकार की ओर से दुख जताया गया है और मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है। साथ ही घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। प्रशासन की टीमें मंदिर परिसर में हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। हादसे के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

 

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Aarav Sharma

Aarav Sharma

9 घंटे पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Payal jadon

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9 घंटे पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Ravi sinha

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9 घंटे पहले

Yeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.

Ishaan Tiwari

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9 घंटे पहले

Aise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.

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13 घंटे पहले

Gawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.

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16 घंटे पहले

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17 घंटे पहले

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