Gangster Himanshu Bhau Arrested: अमेरिका में गिरफ्तार हुआ गैंगस्टर हिमांशु भाऊ

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अमेरिका में हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी का दावा
भारत में कई आपराधिक मामलों में वांछित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की। भारतीय एजेंसियां उसे देश वापस लाने के लिए प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया में जुटी बताई जा रही हैं। हालांकि, गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की मौजूदा स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित अमेरिकी और भारतीय एजेंसियों के बयानों से की जानी चाहिए।
इंटरपोल ने जारी किया था रेड कॉर्नर नोटिस
हिमांशु भाऊ हरियाणा के रोहतक जिले के रिटोली गांव से जुड़ा है और लंबे समय से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की तलाश में बताया जाता रहा है। खबर के अनुसार, हरियाणा पुलिस ने उस पर 2.5 लाख रुपये और दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर अगस्त 2023 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इस नोटिस का उद्देश्य सदस्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच उसकी तलाश और संभावित गिरफ्तारी में सहयोग करना था।
हरियाणा और दिल्ली के कई मामलों में नाम
रिपोर्टों के मुताबिक, हिमांशु भाऊ का नाम हरियाणा और दिल्ली में हत्या, रंगदारी तथा अन्य संगीन आपराधिक मामलों की जांच में सामने आया है। बताया जाता है कि वर्ष 2020 में वह हिसार के बाल सुधार गृह से फरार हो गया था। इसके बाद उस पर कई आपराधिक घटनाओं की साजिश रचने और गिरोह के जरिए वारदातें करवाने के आरोप लगे। दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग आउटलेट में हुई हत्या के मामले में भी उसके गिरोह का नाम सामने आया था। इन मामलों में आरोपों और जांच से जुड़े तथ्यों को संबंधित पुलिस रिकॉर्ड तथा अदालत की कार्यवाही के आधार पर देखा जाना जरूरी है।
प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर रहेंगी निगाहें
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हिमांशु भाऊ के संबंध नीरज बवाना और दविंदर बंबीहा गिरोह से जुड़े नेटवर्क के साथ बताए जाते रहे हैं, जबकि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के साथ उसकी दुश्मनी की भी चर्चा रही है। विदेश में रहते हुए व्यापारियों से रंगदारी वसूलने के आरोप भी उस पर लगाए गए हैं। यदि अमेरिका में उसकी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण संबंधी कानूनी प्रक्रिया अहम होगी। इसमें संबंधित देशों के कानून, दस्तावेज और न्यायिक प्रक्रियाओं के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।








