पीएम मोदी का वीडियो हटाने पर मेटा ने मांगी माफी: AI मॉडरेशन की गलती से हटा पीएम मोदी का वीडियो

AI मॉडरेशन की गलती से हटा पीएम मोदी का वीडियो
प्रतिक्रियाएँ
Sai Mehta

Sai Mehta

0 सेकंड पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

Anil Sen

Anil Sen

0 सेकंड पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

Vaishali shinde

Vaishali shinde

0 सेकंड पहले

Yeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

0 सेकंड पहले

Yeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

0 सेकंड पहले

Aam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.

Harsh Pandya

Harsh Pandya

0 सेकंड पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

CommentsReactionsFeedback

जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छात्रों के नाम जारी वीडियो संदेश फेसबुक पर कुछ समय के लिए ब्लॉक हो गया। यूजर्स को "Legal Request" का संदेश दिखाई देने लगा, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई। बाद में मेटा ने स्पष्ट किया कि यह किसी सरकारी आदेश का परिणाम नहीं था, बल्कि AI आधारित ऑटोमेटेड मॉडरेशन सिस्टम की तकनीकी गड़बड़ी थी। गलती सामने आते ही वीडियो को दोबारा बहाल कर दिया गया। इस घटना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता पर नए सवाल खड़े कर दिए।


MeitY के समन के बाद मेटा ने दी लिखित सफाई
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इस मामले को गंभीर मानते हुए मेटा के ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी प्रमुख को तलब किया। सरकार ने पूछा कि प्रधानमंत्री के सत्यापित अकाउंट का वीडियो कैसे ब्लॉक हो गया। इसके बाद मेटा ने लिखित स्पष्टीकरण और बिना शर्त माफीनामा सौंपा। कंपनी ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी तकनीकी चूक रोकने के लिए सिस्टम में सुधार किए जाएंगे।


सरकार ने एल्गोरिदम वाली दलील को नहीं माना पर्याप्त
मेटा ने कहा कि वीडियो AI कंटेंट फिल्टर की तकनीकी त्रुटि के कारण गलती से हटा था। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस जवाब को पूरी तरह संतोषजनक नहीं माना। मंत्रालय का कहना है कि हाई-प्रोफाइल और वेरीफाइड अकाउंट्स के साथ ऐसी घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं। सरकार ने मेटा से मजबूत सुरक्षा तंत्र विकसित करने और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने की मांग की है।

 

वीडियो हटने से सोशल मीडिया पर मचा भ्रम
वीडियो ब्लॉक होने के बाद लाखों यूजर्स को स्क्रीन पर "The attached media isn't available in your region due to a legal request" संदेश दिखाई दिया। इससे यह धारणा बनी कि वीडियो किसी कानूनी आदेश के तहत हटाया गया है। बाद में मेटा ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई कानूनी निर्देश नहीं था। तकनीकी गड़बड़ी दूर होते ही वीडियो फिर से उपलब्ध करा दिया गया।


AI मॉडरेशन सिस्टम पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने AI आधारित कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम की विश्वसनीयता पर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटोमेटेड सिस्टम कई बार सत्यापित और वैध कंटेंट को भी गलती से ब्लॉक कर देते हैं। ऐसे मामलों में मानवीय निगरानी और अतिरिक्त सुरक्षा जांच की आवश्यकता बताई जा रही है। सरकार भी चाहती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म अपनी मॉडरेशन प्रक्रिया को और अधिक सटीक बनाएं।


तकनीकी कंपनियों की जवाबदेही पर बढ़ी बहस
प्रधानमंत्री के आधिकारिक वीडियो के ब्लॉक होने की घटना के बाद सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी खामियों के नाम पर ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपने AI सिस्टम की नियमित समीक्षा करनी होगी ताकि भविष्य में सार्वजनिक महत्व की सामग्री गलती से प्रभावित न हो।

 

प्रतिक्रियाएँ
Sai Mehta

Sai Mehta

0 सेकंड पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

Anil Sen

Anil Sen

0 सेकंड पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

Vaishali shinde

Vaishali shinde

0 सेकंड पहले

Yeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

0 सेकंड पहले

Yeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

0 सेकंड पहले

Aam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.

Harsh Pandya

Harsh Pandya

0 सेकंड पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

CommentsReactionsFeedback

खबरे और भी है...