स्क्रीन शेयरिंग के नाम पर साइबर ठगी का नया जाल: साइबर ठगों के नए जाल से रहें सावधान

साइबर ठगों के नए जाल से रहें सावधान
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Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

0 सेकंड पहले

Gawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.

Riya Jain

Riya Jain

0 सेकंड पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Sneha Menon

Sneha Menon

0 सेकंड पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Kabir Shukla

Kabir Shukla

1 घंटे पहले

Yeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.

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साइबर ठगी के मामले लगातार नए तरीकों के साथ सामने आ रहे हैं। अब ठग बैंक अधिकारी, आरबीआई कर्मचारी या कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों को फोन कर रहे हैं और मोबाइल की स्क्रीन शेयर करने के लिए उकसा रहे हैं। इसके बाद AnyDesk, TeamViewer जैसे रिमोट एक्सेस ऐप या WhatsApp स्क्रीन शेयरिंग के जरिए मोबाइल की गतिविधियों पर नजर रखकर बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती है।

 

पहले डराते हैं, फिर ऐप डाउनलोड करवाते हैं
स्क्रीन शेयरिंग स्कैम की शुरुआत आमतौर पर एक फर्जी फोन कॉल से होती है। ठग दावा करता है कि बैंक खाते, कार्ड, केवाईसी या किसी सेवा में समस्या है और उसे तुरंत ठीक करना जरूरी है। समस्या के समाधान के बहाने पीड़ित को AnyDesk, TeamViewer या किसी अन्य रिमोट एक्सेस ऐप को डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। कई मामलों में WhatsApp वीडियो कॉल या स्क्रीन शेयरिंग का सहारा लेकर भी भरोसा जीतने की कोशिश की जाती है।

 

स्क्रीन शेयर होते ही दिख सकती है निजी जानकारी
जैसे ही कोई व्यक्ति अपने मोबाइल की स्क्रीन अनजान व्यक्ति के साथ शेयर करता है, फोन पर दिखाई देने वाली गतिविधियां साइबर ठगों के लिए नजर आने लगती हैं। ठग बैंकिंग ऐप खोलने, लॉगिन करने या किसी कथित वेरिफिकेशन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कह सकता है। इस दौरान स्क्रीन पर दिखाई देने वाला OTP, PIN, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी उसके हाथ लग सकती है।

 

रिमोट एक्सेस से खाते से पैसे निकालने का खतरा
स्क्रीन शेयरिंग के अलावा कुछ संदिग्ध ऐप डिवाइस पर अतिरिक्त एक्सेस की मांग कर सकते हैं। ऐसे ऐप के जरिए साइबर अपराधी निजी जानकारी या बैंकिंग गतिविधियों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं। जानकारी हाथ लगने के बाद ठग बैंक खाते से रकम ट्रांसफर करने का प्रयास कर सकते हैं। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर रिमोट एक्सेस या स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति देना भारी पड़ सकता है।

 

सोनगांव में साइबर पुलिस ने किया जागरूक
साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच साइबर क्राइम पुलिस थाना टीम ने बुधवार को डॉ. शिव सहाय सिंह गुरुकुल इंटरनेशनल एकेडमी, सोनगांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और आम लोगों को ऑनलाइन निवेश और डिजिटल ठगी से बचने के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी दी गई।
पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी आलापुर के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में साइबर थाना टीम ने लोगों को ऑनलाइन निवेश से जुड़े फ्रॉड के बारे में भी सतर्क किया। टीम ने सलाह दी कि किसी कंपनी या प्लेटफॉर्म में निवेश करने से पहले उसके सेबी (SEBI) में पंजीकरण की जांच जरूर करें और गारंटीड रिटर्न या कम समय में पैसा दोगुना करने जैसे दावों पर भरोसा न करें।

 

WhatsApp, Telegram और सोशल मीडिया के जरिए भी हो रहा संपर्क
साइबर पुलिस ने WhatsApp, Telegram, Facebook और Instagram पर सक्रिय अनजान निवेश समूहों और चैनलों से सावधान रहने की अपील की। पुलिस ने किसी भी अनजान लिंक, ऐप या वेबसाइट के माध्यम से निवेश नहीं करने की सलाह दी। खासतौर पर ऐसे संदिग्ध ऐप से बचने को कहा गया जो रिमोट एक्सेस या स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति मांगते हैं।

 

अनजान व्यक्ति को OTP, PIN और पासवर्ड न बताएं
साइबर ठगी से बचने के लिए किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते, कार्ड, OTP, PIN, पासवर्ड या अन्य निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। बैंक या सरकारी अधिकारी के नाम पर फोन करने वाला कोई व्यक्ति यदि रिमोट एक्सेस या स्क्रीन शेयरिंग की मांग करे, तो कॉल को तुरंत समाप्त कर उसकी आधिकारिक माध्यम से जांच करनी चाहिए।

 

ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल
अगर किसी व्यक्ति के बैंक खाते से साइबर ठगी के जरिए पैसे निकल जाते हैं, तो बिना देरी किए साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करना चाहिए। साथ ही cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कर शिकायत संख्या के साथ नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करने की सलाह दी गई है। साइबर पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और अपने आसपास के लोगों को भी ऐसे डिजिटल फ्रॉड के प्रति जागरूक करने की अपील की है।

 

साइबर ठगी से बचने के लिए याद रखें

  1. अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk, TeamViewer या अन्य रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें।
  2. अनजान लोगों के साथ WhatsApp स्क्रीन शेयरिंग न करें।
  3. OTP, PIN, पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
  4. गारंटीड रिटर्न या पैसा दोगुना करने वाले निवेश ऑफर से सावधान रहें।
  5. अनजान लिंक, ऐप, वेबसाइट और सोशल मीडिया निवेश ग्रुप से दूरी रखें।
  6. संदिग्ध नंबर को ब्लॉक करें और ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।
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Tanya Bajaj

Tanya Bajaj

0 सेकंड पहले

Gawahon ki suraksha bhi utni hi zaroori hai.

Riya Jain

Riya Jain

0 सेकंड पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Sneha Menon

Sneha Menon

0 सेकंड पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Kabir Shukla

Kabir Shukla

1 घंटे पहले

Yeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.

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