व्हाट्सएप के 'यूजरनेम' फीचर पर सरकार की रोक: मेटा ने दी सफाई – जानें कैसे काम करेगा नया सुरक्षा चक्र

Sai Mehta
0 सेकंड पहलेCBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.
Anika Rajput
0 सेकंड पहलेApradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!
Simran Arora
0 सेकंड पहलेKanoon ko apna kaam karna chahiye bina der ke.
Riya Jain
1 घंटे पहलेYeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.
भारत सरकार ने सोशल मीडिया दिग्गज मेटा के मालिकाना हक वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप (WhatsApp) के आगामी 'यूजरनेम' (Username) फीचर के रोलआउट पर फिलहाल पूरी तरह से रोक लगा दी है। सरकार को अंदेशा है कि इस फीचर के आने से देश में साइबर अपराध, फिशिंग और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे गंभीर घोटालों में तेजी आ सकती है। इस सिलसिले में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा को एक कड़ा नोटिस भेजकर तीन दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। सरकार के इस कड़े रुख के बाद, व्हाट्सएप ने गुरुवार को एक विस्तृत स्पष्टीकरण जारी कर सुरक्षा चिंताओं को दूर करने की कोशिश की है।
सरकार को क्यों है साइबर अपराध का डर?
केंद्र सरकार द्वारा जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि व्हाट्सएप का नया यूजरनेम फीचर ऑनलाइन धोखाधड़ी और किसी दूसरे का रूप धरने (Impersonation) की घटनाओं को बढ़ावा दे सकता है। आईटी मंत्रालय का मानना है कि जालसाज इस फीचर का फायदा उठाकर सरकारी एजेंसियों, बैंकों, सार्वजनिक प्राधिकरणों या मशहूर हस्तियों के नाम से मिलते-जुलते फर्जी अकाउंट बना सकते हैं।
इससे आम जनता को गुमराह करना और उन्हें वित्तीय नुकसान पहुंचाना बेहद आसान हो जाएगा। सरकार ने चेतावनी दी है कि जब तक वह व्हाट्सएप के सुरक्षा उपायों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाती, तब तक भारत में इसे लॉन्च करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार ने मेटा से यह भी पूछा है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने पर उन पर आईटी अधिनियम (IT Act) के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए।
मेटा और व्हाट्सएप की सफाई: 'दुरुपयोग रोकना हमारा मकसद'
विवाद और सरकार के नोटिस के बीच व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि यह फीचर यूजर्स की प्राइवेसी को कमजोर करने के लिए नहीं, बल्कि उसे और मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी ने बताया कि धोखाधड़ी और पहचान की चोरी को रोकने के लिए कई मजबूत सुरक्षा चक्र (Security Layers) तैयार किए गए हैं।
व्हाट्सएप ने स्पष्ट किया कि यह फीचर पूरी तरह से वैकल्पिक (Optional) होगा। यानी यूजर्स के लिए यूजरनेम बनाना अनिवार्य नहीं होगा और वे जब चाहें इसे बदल या हटा सकेंगे। इसके अलावा, व्हाट्सएप का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल नंबर की जरूरत हमेशा बनी रहेगी।
स्कैमर्स को रोकने के लिए व्हाट्सएप ने बनाए ये 4 बड़े सुरक्षा नियम
व्हाट्सएप ने सरकार और यूजर्स की चिंताओं को दूर करने के लिए अपने सुरक्षा तंत्र की विस्तृत जानकारी साझा की है:
- वीआईपी और सरकारी नाम पहले से ही रिजर्व: कंपनी ने बताया कि मशहूर हस्तियों, राजनेताओं, सरकारी संस्थाओं, बड़े ब्रांड्स और मेटा वेरिफाइड (Meta Verified) अकाउंट्स के नाम पहले ही सुरक्षित (Reserve) कर लिए गए हैं। कोई भी स्कैमर इन नामों का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। इसके अलावा, इंस्टाग्राम और फेसबुक के मौजूदा यूजरनेम भी उनके असली मालिकों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
- सर्च नहीं किए जा सकेंगे यूजरनेम: व्हाट्सएप ने पुष्टि की है कि फोन नंबरों की तरह ही यूजरनेम को भी प्लेटफॉर्म पर सीधे सर्च नहीं किया जा सकेगा। किसी अनजान व्यक्ति से चैट शुरू करने के लिए उसका सटीक (Exact) यूजरनेम पता होना जरूरी होगा।
- अनजान मैसेज पर मिलेगी चेतावनी: यदि कोई अनजान व्यक्ति यूजरनेम के जरिए किसी यूजर को पहली बार मैसेज भेजता है, तो व्हाट्सएप यूजर को सचेत करेगा। चैट स्क्रीन पर चेतावनी के साथ यह जानकारी दी जाएगी कि सामने वाला अकाउंट नया है, किसी दूसरे देश का है, या फिर आपके बीच कोई कॉमन ग्रुप है।
- सुरक्षा की एक्स्ट्रा लेयर - 'यूजरनेम की' (Username Key): व्हाट्सएप ने एक बेहद अनूठा सुरक्षा फीचर 'यूजरनेम की' पेश किया है। यह एक वैकल्पिक पासवर्ड की तरह काम करेगा। अगर कोई यूजर इसे ऑन करता है, तो सामने वाले व्यक्ति को चैट शुरू करने के लिए यूजरनेम के साथ-साथ इस 'की' (Key) को भी दर्ज करना होगा। यूजर अपनी 'की' को कभी भी रीसेट करके अनचाहे संपर्कों को ब्लॉक कर सकते हैं।
कैसे काम करेगा व्हाट्सएप का यह नया फीचर?
इस फीचर के पूरी तरह लाइव होने के बाद, यूजर्स को किसी अनजान व्यक्ति या ग्रुप चैट में जुड़ने के लिए अपना पर्सनल मोबाइल नंबर देने की जरूरत नहीं होगी।
व्हाट्सएप यूजरनेम गाइडलाइन: नया यूजरनेम अधिकतम 35 अक्षरों का हो सकता है। शुरुआत में यह सुविधा केवल मोबाइल ऐप पर उपलब्ध कराई जाएगी। कंपनी की योजना इस साल के अंत तक इसे धीरे-धीरे रोलआउट करने की थी, लेकिन भारत सरकार के साथ बातचीत पूरी होने तक इसे फिलहाल होल्ड पर रखा गया है।
व्हाट्सएप ने साफ किया है कि ब्लॉक और रिपोर्ट जैसे मौजूदा सुरक्षा टूल पहले की तरह ही मुस्तैदी से काम करते रहेंगे और संदिग्ध एक्टिविटी पाए जाने पर स्कैमर्स के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी।








