Iran Offers Seven Day Hormuz Plan: होर्मुज पर ईरान का 7 दिन का प्लान

होर्मुज पर ईरान का 7 दिन का प्लान
प्रतिक्रियाएँ
Pranav Srivastava

Pranav Srivastava

1 दिन पहले

India ka is maamle mein kya role hoga?

Krishna Yadav

Krishna Yadav

1 दिन पहले

Aise haalaaton mein diplomatic relations bahut important hote hain.

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

1 दिन पहले

Yeh global crisis sab ko affect kar sakti hai.

Pihu Agarwal

Pihu Agarwal

1 दिन पहले

Poori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.

Vaishali shinde

Vaishali shinde

1 दिन पहले

Poori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान कहा कि तेहरान ने अमेरिका को कतर के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर खोलने के लिए एक ठोस सात दिवसीय योजना भेजी है। उनके मुताबिक यदि प्रस्ताव में रखी गई जरूरी शर्तें पूरी होती हैं तो सात दिनों के भीतर जलडमरूमध्य को सामान्य समुद्री आवाजाही के लिए फिर खोला जा सकता है। अराघची ने कहा कि अब फैसला अमेरिका पर निर्भर है।


सातवें दिन फिर शुरू हो सकता है सामान्य समुद्री यातायात
ईरानी विदेश मंत्री के मुताबिक प्रस्ताव लागू होने के बाद सात दिनों की समयसीमा में अलग-अलग कदम उठाए जाएंगे और सातवें दिन होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोला जा सकता है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य क्षेत्र में जारी संघर्ष को रोकने, समुद्री मार्ग को सामान्य करने और आगे की बातचीत शुरू करने से जुड़ा है। हालांकि अभी यह केवल ईरान की ओर से रखा गया प्रस्ताव है और इसके लागू होने की कोई अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।


संप्रभु अधिकारों पर समझौता नहीं करेगा ईरान
अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान दबाव, धमकी या डराने की नीति को स्वीकार नहीं करेगा और दबाव में आकर अपने संप्रभु अधिकारों से समझौता नहीं करेगा। यह बयान उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान दिया। ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य और अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अधिकारों को महत्वपूर्ण मुद्दा बताया जाता रहा है।

 

प्रस्ताव में युद्धविराम और प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दे
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ईरान के सात दिवसीय प्रस्ताव में क्षेत्र में संघर्ष रोकने, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में राहत जैसे मुद्दे शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में ईरान की जमी हुई संपत्तियों को जारी करने की मांग का भी उल्लेख किया गया है। इन शर्तों के बदले होर्मुज को फिर से खोलने और उसके बाद व्यापक बातचीत शुरू करने का प्रस्ताव बताया गया है।


होर्मुज क्यों है इतना महत्वपूर्ण
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और अरब सागर के बीच एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इसके जरिए खाड़ी क्षेत्र से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का अंतरराष्ट्रीय बाजार तक परिवहन होता है। इसी कारण इस मार्ग में लंबे समय तक व्यवधान रहने पर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है। वर्तमान संघर्ष में भी होर्मुज का संचालन अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।


अब अमेरिका के जवाब पर टिकी नजरें
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि यदि अमेरिका प्रस्ताव को स्वीकार करता है और जरूरी शर्तें पूरी होती हैं तो सात दिन के भीतर होर्मुज को फिर खोला जा सकता है। फिलहाल अमेरिकी पक्ष की ओर से इस प्रस्ताव को स्वीकार करने की सार्वजनिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सात दिन में जलडमरूमध्य निश्चित रूप से खुल जाएगा। आने वाले दिनों में अमेरिका की प्रतिक्रिया और दोनों देशों के बीच बातचीत से स्थिति स्पष्ट होगी।

 

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Pranav Srivastava

Pranav Srivastava

1 दिन पहले

India ka is maamle mein kya role hoga?

Krishna Yadav

Krishna Yadav

1 दिन पहले

Aise haalaaton mein diplomatic relations bahut important hote hain.

Reyansh Joshi

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1 दिन पहले

Yeh global crisis sab ko affect kar sakti hai.

Pihu Agarwal

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1 दिन पहले

Poori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.

Vaishali shinde

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1 दिन पहले

Poori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.

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