US Senators Oppose Putin G20 Invite: पुतिन के G20 न्योते पर ट्रंप से सवाल

पुतिन के G20 न्योते पर ट्रंप से सवाल
प्रतिक्रियाएँ
Krishna Yadav

Krishna Yadav

22 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Taushif Shekh

Taushif Shekh

1 दिन पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Vihaan Patel

Vihaan Patel

1 दिन पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Ravi sinha

Ravi sinha

1 दिन पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Neel Saxena

Neel Saxena

1 दिन पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

1 दिन पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

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अमेरिका में 14 सीनेटरों के एक द्विदलीय समूह ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को G20 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किए जाने पर सवाल उठाए हैं। यह पत्र 24 सितंबर को भेजा गया था और इसमें रिपब्लिकन तथा डेमोक्रेटिक दोनों दलों के सांसद शामिल हैं। सीनेटरों ने ट्रंप प्रशासन से इस निमंत्रण पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि पुतिन की G20 में भागीदारी को लेकर अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल उठते हैं।


निमंत्रण वापस लेने की मांग
सीनेटरों ने केवल स्पष्टीकरण नहीं मांगा, बल्कि ट्रंप से पुतिन को दिया गया निमंत्रण वापस लेने का आग्रह भी किया है। पत्र की पहल रिपब्लिकन सीनेटर रोजर विकर और डेमोक्रेटिक सीनेटर जीन शाहीन ने की। सांसदों ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पुतिन को अमेरिका में होने वाले G20 कार्यक्रम में शामिल करना उनके अनुसार रूस सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैधता देने जैसा हो सकता है। ये बातें सीनेटरों के पत्र में दर्ज उनके राजनीतिक और नीतिगत तर्क हैं।


रूस पर प्रतिबंधों का भी दिया हवाला
अमेरिकी सांसदों ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि पुतिन और रूसी वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव सहित कुछ रूसी अधिकारी अमेरिका के प्रतिबंधों के दायरे में हैं। सीनेटरों ने सवाल उठाया कि प्रतिबंधित रूसी अधिकारियों को अमेरिका में आयोजित G20 से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति क्यों दी जा रही है। उन्होंने भविष्य के G20 कार्यक्रमों में प्रतिबंधित रूसी अधिकारियों की भागीदारी रोकने की भी मांग की है। यह मांग फिलहाल सांसदों के पत्र का हिस्सा है, कोई नया सरकारी आदेश नहीं।
 

G20 सम्मेलन दिसंबर में मियामी में प्रस्तावित
2026 का G20 लीडर्स समिट 14 और 15 दिसंबर को मियामी, फ्लोरिडा में आयोजित होना निर्धारित है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 23 सितंबर को पुष्टि की थी कि अमेरिका ने पुतिन को सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। रुबियो ने कहा था कि इससे ट्रंप, पुतिन और अन्य विश्व नेताओं के बीच बातचीत का अवसर मिल सकता है। हालांकि पुतिन सम्मेलन में शामिल होंगे या नहीं, इस पर अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।


सीनेटरों ने यूक्रेन युद्ध का मुद्दा उठाया
14 अमेरिकी सीनेटरों ने अपने पत्र में रूस-यूक्रेन युद्ध और यूक्रेनी नागरिक क्षेत्रों पर रूसी हमलों का भी उल्लेख किया है। पत्र में सांसदों ने रूस पर दबाव बनाए रखने और पुतिन को बातचीत की मेज पर लाने के लिए आर्थिक तथा राजनीतिक दबाव जारी रखने की मांग की। ये दावे और नीतिगत सुझाव पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले सांसदों के हैं। अमेरिकी प्रशासन की ओर से इस पत्र पर आगे क्या निर्णय लिया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।


ट्रंप प्रशासन की रूस नीति पर बहस जारी
पुतिन को G20 निमंत्रण अमेरिकी विदेश नीति को लेकर चल रही बहस के बीच आया है। विदेश मंत्री रुबियो ने कहा है कि विरोधी देशों के नेताओं से बातचीत करना समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी हो सकता है। दूसरी ओर, 14 सीनेटरों ने पुतिन को G20 में शामिल नहीं करने की मांग की है। इस तरह G20 सम्मेलन से पहले अमेरिकी प्रशासन के भीतर और कांग्रेस में रूस के साथ बातचीत तथा दबाव की नीति को लेकर अलग-अलग रुख सामने आ रहे हैं।

 

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Krishna Yadav

Krishna Yadav

22 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Taushif Shekh

Taushif Shekh

1 दिन पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Vihaan Patel

Vihaan Patel

1 दिन पहले

Jai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.

Ravi sinha

Ravi sinha

1 दिन पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

Neel Saxena

Neel Saxena

1 दिन पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

1 दिन पहले

Har Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.

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