Pakistan Form 47: क्या है पाकिस्तान का फॉर्म 47, UN में क्यों उठा मुद्दा

Sai Mehta
1 दिन पहलेVishwa shanti ke liye yeh situation concerning hai.
Harsh Pandya
1 दिन पहलेPoori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.
Ada khan
1 दिन पहलेIndia ka is maamle mein kya role hoga?
Nidhi kumari
1 दिन पहलेPoori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.
Kavya Mishra
1 दिन पहलेIs khabar ka asar kai deshon par padega.
Ananya Sharma
1 दिन पहलेHum sabko milke is global challenge ka samna karna hoga.
Payal jadon
1 दिन पहलेDuniya mein kuch bada hone wala hai, taiyar rehna hoga.
Monika Das
1 दिन पहलेPoori duniya is khabar par nazar rakh rahi hai.
UN में फॉर्म 47 का जिक्र
संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण के बाद भारत ने राइट ऑफ रिप्लाई के तहत जवाब दिया। भारत की ओर से फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान की मौजूदा सरकार के लिए 'फॉर्म 47 सरकार' शब्द का इस्तेमाल किया।
क्या होता है फॉर्म 47
पाकिस्तान के चुनाव में फॉर्म 47 चुनाव नतीजों से जुड़ा आधिकारिक दस्तावेज है। इसे रिटर्निंग ऑफिसर तैयार करता है और इसमें निर्वाचन क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों से मिले वोटों को जोड़कर शुरुआती यानी प्रोविजनल नतीजा तैयार किया जाता है। इसमें उम्मीदवारों को मिले वोट और खारिज वोटों का विवरण शामिल होता है।
फॉर्म 45 और 46 से जुड़ी प्रक्रिया
फॉर्म 47 तैयार करने से पहले मतदान केंद्रों से फॉर्म 45 और फॉर्म 46 के जरिए वोटों से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जाती है। इसके बाद चुनाव परिणाम की प्रक्रिया में फॉर्म 48 और अंतिम आधिकारिक परिणाम के लिए फॉर्म 49 का इस्तेमाल किया जाता है।
शहबाज सरकार को क्यों कहा गया फॉर्म 47 सरकार
2024 के पाकिस्तान आम चुनाव के बाद PTI ने आरोप लगाया था कि उसके उम्मीदवारों को फॉर्म 45 में मिले वोटों और फॉर्म 47 में दर्ज आंकड़ों में अंतर था। पार्टी ने चुनावी जनादेश में बदलाव का आरोप लगाया और इसी आधार पर शहबाज शरीफ की गठबंधन सरकार को 'फॉर्म 47 सरकार' कहना शुरू किया।
2024 चुनाव में कितना मतदान हुआ
8 फरवरी 2024 को हुए पाकिस्तान के आम चुनाव में 12.86 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत थे। करीब 6.13 करोड़ वोट पड़े और कुल मतदान प्रतिशत 47.65 प्रतिशत रहा। चुनाव के लिए देशभर में 90 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए थे।
भारत ने आतंकवाद का मुद्दा भी उठाया
UN में भारत ने पाकिस्तान के आतंकवाद रिकॉर्ड का मुद्दा भी उठाया। पेटल गहलोत ने ओसामा बिन लादेन का जिक्र करते हुए पाकिस्तान में उसके एबटाबाद स्थित सैन्य अकादमी के पास रहने की बात कही। भारत ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों को भी उठाया।
कश्मीर पर भारत का रुख
भारत ने जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताया। जवाब में पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में हिंसा और अधिकारों से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया गया। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई और सुरक्षा के अधिकार का बचाव किया।








