ईरान युद्ध के बीच बड़ी राहत: UAE का ADNOC LNG टैंकर

Yash Kulkarni
1 महीने पहलेSach dikhane ka shukriya, aisi journalism chahiye.
Aarohi Chaudhary
1 महीने पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Reyansh Joshi
1 महीने पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच दुनिया को राहत देने वाली बड़ी खबर सामने आई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) का LNG टैंकर ‘मुबाराज़’ पहली बार होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत के पश्चिमी तट के पास देखा गया है। यदि इसकी पुष्टि होती है, तो 28 फरवरी के बाद यह पहला LNG टैंकर होगा जिसने युद्ध के बाद इस संवेदनशील समुद्री रास्ते को सफलतापूर्वक पार किया है।
भारत के पास दिखा 136,357 क्यूबिक मीटर क्षमता वाला जहाज
शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, 136,357 क्यूबिक मीटर क्षमता वाला यह विशाल टैंकर Adnoc Logistics & Services द्वारा संचालित किया जाता है। इसे आखिरी बार 30 मार्च को खाड़ी क्षेत्र में देखा गया था। इसके बाद जहाज का सिग्नल बंद हो गया था, लेकिन अब यह भारत के पश्चिमी समुद्री क्षेत्र के पास फिर से नजर आया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल और LNG आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराने लगा था।
जहाजों ने अपनाई बचाव की रणनीति
मरीन ट्रैफिक, ICIS LNG Edge और LSEG डेटा के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में कई जहाज निशाना बनने या हिरासत से बचने के लिए अपनी लोकेशन छिपा रहे हैं। कई जहाज AIS सिग्नल बंद कर देते हैं या गलत पहचान संख्या भेजते हैं, ताकि ट्रैकिंग सिस्टम उन्हें पकड़ न सके।
गैस बाजार के लिए उम्मीद की किरण
ICIS के वरिष्ठ LNG विश्लेषक एलेक्स फ्रॉली ने कहा कि अगर ‘मुबाराज़’ ने वास्तव में रास्ता पार किया है, तो यह वैश्विक गैस बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ एक जहाज के गुजरने से यह नहीं माना जा सकता कि सभी टैंकर अब सुरक्षित रूप से निकल पाएंगे।
भारत को क्यों मिली राहत?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए LNG आयात पर काफी निर्भर है। ऐसे में UAE से LNG लेकर आने वाला जहाज भारत के पास दिखना बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे गैस सप्लाई स्थिर होने और कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है।
एलएनजी क्या होता है?
LNG यानी Liquefied Natural Gas (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस)। प्राकृतिक गैस को -162 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा कर तरल रूप में बदला जाता है, जिससे उसका आयतन काफी कम हो जाता है और इसे जहाजों से लंबी दूरी तक भेजना आसान हो जाता है।
आगे क्या होगा?
सूत्रों के अनुसार यह जहाज चीन की ओर बढ़ रहा है और मई के पहले सप्ताह तक अपने गंतव्य तक पहुंच सकता है। यदि हालात सामान्य रहे तो आने वाले दिनों में और भी LNG टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर सकते हैं।





