MP Rajya Sabha Election 2026: कांग्रेस को बड़ा झटका

Sai Mehta
0 सेकंड पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Dhruv Bhatt
0 सेकंड पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Ada khan
1 मिनट पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Pranav Srivastava
2 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Anil Sen
2 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक बार फिर अपना राजनीतिक वर्चस्व साबित किया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद राज्य की तीनों राज्यसभा सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों की जीत निर्विरोध तय हो गई। नाम वापसी की अंतिम तिथि तक केवल तीन वैध उम्मीदवार मैदान में बचे, जिसके चलते निर्वाचन आयोग ने उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने अपना नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनकी ओर से रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हालांकि, जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस चंदूरकर की पीठ ने चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। अदालत ने अपने पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान न्यायिक दखल सीमित होना चाहिए।
हलफनामे में जानकारी छिपाने का लगा आरोप
नामांकन जांच के दौरान बीजेपी ने मीनाक्षी नटराजन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने हलफनामे में एक आपराधिक मामले और अदालत से जुड़े नोटिस की जानकारी नहीं दी। आपत्तियों और सुनवाई के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन खारिज कर दिया। इसके बाद राज्यसभा चुनाव में मुकाबले की स्थिति समाप्त हो गई।
बीजेपी उम्मीदवारों को मिला जीत का प्रमाण पत्र
नामांकन वापसी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने बीजेपी उम्मीदवार तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्वाचित घोषित करते हुए जीत का प्रमाण पत्र सौंप दिया। तीनों नेता अब मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व राज्यसभा में करेंगे।
गुजरात में भी बीजेपी का क्लीन स्वीप
मध्य प्रदेश के साथ-साथ गुजरात में भी बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया। राज्यसभा की चार सीटों पर बीजेपी उम्मीदवार राजू शुक्ल, मानसिंह परमार, मुकेश राठवा और जितेंद्र कंजारिया निर्विरोध निर्वाचित हुए। इसके साथ ही गुजरात से राज्यसभा में सभी 11 सांसद बीजेपी के हो गए हैं। अगले राज्यसभा चुनाव 2029 में होंगे, तब तक गुजरात में कांग्रेस का कोई प्रतिनिधि राज्यसभा में नहीं रहेगा।
राजस्थान में कांग्रेस को मिली सफलता
जहां मध्य प्रदेश और गुजरात में बीजेपी ने सभी सीटों पर जीत दर्ज की, वहीं राजस्थान में राज्यसभा की एक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार को जीत मिली। इससे विपक्ष को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन कुल मिलाकर राज्यसभा चुनावों में बीजेपी का दबदबा स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है।
बीजेपी के लिए राजनीतिक संदेश
मध्य प्रदेश में निर्विरोध जीत केवल एक चुनावी उपलब्धि नहीं बल्कि बीजेपी की संगठनात्मक मजबूती और विधानसभा में उसके बहुमत का भी संकेत है। वहीं कांग्रेस के लिए यह घटनाक्रम एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, खासकर तब जब उसका उम्मीदवार चुनावी मैदान में टिक भी नहीं सका।




