Israel Election Deadlock: अरब दलों की सीटों से तय होगी नई सरकार की दिशा?

अरब दलों की सीटों से तय होगी नई सरकार की दिशा?
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इजरायल चुनाव में किसी गठबंधन को बहुमत नहीं
इजरायल के आम चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है। 120 सदस्यों वाली संसद नेसेट में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाला गठबंधन बहुमत के लिए जरूरी 61 सीटों से पीछे है। विपक्षी नेता गादी आइजनकोट के नेतृत्व वाला गठबंधन भी अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर पाया है। शुरुआती चुनावी आंकड़ों में नेतन्याहू के गठबंधन को 53 और विपक्षी गठबंधन को 48 सीटें मिलने का अनुमान था। हालांकि, मतगणना आगे बढ़ने के साथ सीटों के आंकड़ों में बदलाव हुआ है।

 

अरब दलों की भूमिका अहम
अरब नेतृत्व वाली पार्टियों ने चुनाव में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। शुरुआती अनुमानों में जॉइंट लिस्ट को 12 और मंसूर अब्बास के नेतृत्व वाली रा’अम पार्टी को 7 सीटें मिलने की संभावना जताई गई थी। बाद के आंकड़ों में अरब दलों की संयुक्त सीटों की संख्या बढ़कर 20 तक पहुंचती दिखाई दी। अंतिम आधिकारिक परिणाम आने तक इन आंकड़ों में बदलाव संभव है।

 

सरकार बनाने के लिए 61 सीटों का समर्थन जरूरी
इजरायल की संसद में सरकार बनाने के लिए 120 में से कम से कम 61 सांसदों का समर्थन आवश्यक है। नेतन्याहू के गठबंधन को बहुमत के लिए आठ अतिरिक्त सीटों की जरूरत है, जबकि विपक्षी गठबंधन को बहुमत तक पहुंचने के लिए इससे अधिक समर्थन जुटाना होगा। अरब दलों के साथ समझौता या बाहर से समर्थन किसी गठबंधन के लिए गणित बदल सकता है, लेकिन राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों के कारण ऐसा करना आसान नहीं होगा।

 

गादी आइजनकोट के सामने गठबंधन की चुनौती
पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी खेमे के सामने यह चुनौती है कि वह सरकार बनाने के लिए किन दलों का समर्थन हासिल कर सकता है। अरब पार्टियों के साथ सहयोग को लेकर विपक्षी खेमे में मतभेद हैं। कुछ दल नेतन्याहू को सत्ता से बाहर करने के लिए सहयोग की संभावना पर विचार कर सकते हैं, जबकि अन्य नेताओं ने ऐसे गठबंधन पर आपत्ति जताई है। इसलिए सीटों का गणित स्पष्ट होने के बावजूद सरकार गठन का रास्ता राजनीतिक बातचीत पर निर्भर करेगा।

 

डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन भी बहुमत की गारंटी नहीं बना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव के दौरान नेतन्याहू का समर्थन किया था। इसके बावजूद शुरुआती चुनावी आंकड़ों में नेतन्याहू का गठबंधन बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच सका। चुनाव परिणामों से संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय समर्थन के बावजूद इजरायल में सरकार बनाने के लिए घरेलू गठबंधन और संसद में पर्याप्त सांसदों का समर्थन निर्णायक रहेगा।

 

सरकार गठन के संभावित रास्ते
इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग आधिकारिक नतीजे घोषित होने के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से परामर्श करेंगे। इसके बाद वह उस सांसद को सरकार बनाने का अवसर दे सकते हैं, जिसे पर्याप्त समर्थन जुटाने की सबसे अधिक संभावना हो। नामित नेता को सामान्यतः 28 दिन मिलते हैं और जरूरत पड़ने पर समय बढ़ाया जा सकता है।

 

राष्ट्रीय एकता सरकार की संभावना
एक विकल्प यह है कि अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं वाले दल मतभेदों को किनारे रखकर साझा सरकार बनाने पर सहमत हों। हालांकि, नेतन्याहू और विपक्षी नेताओं के बीच मतभेद इस विकल्प को जटिल बनाते हैं। ऐसे किसी समझौते के लिए कई दलों की सहमति और साझा न्यूनतम कार्यक्रम जरूरी होगा।

 

दोबारा चुनाव की नौबत भी संभव
यदि राजनीतिक दल आवश्यक समर्थन जुटाने में नाकाम रहते हैं और सरकार गठन की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती, तो इजरायल में दोबारा चुनाव की स्थिति बन सकती है। फिलहाल अंतिम नतीजों और दलों के बीच बातचीत पर नजर रहेगी। अरब दलों की बढ़ी हुई संसदीय ताकत इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, लेकिन नई सरकार का स्वरूप अभी तय नहीं है।

 

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