वंदे मातरम्' के अपमान पर 3 साल जेल: राष्ट्रगीत को मिलेगी राष्ट्रगान जैसी कानूनी सुरक्षा

Riya Jain
7 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Pranav Srivastava
7 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Aarohi Chaudhary
7 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Arjun Singh
9 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Myra Dubey
9 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Anjali Patil
9 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Shruti Bajpai
10 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Taushif Shekh
11 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Simran Arora
12 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Harsh Pandya
13 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Vivaan Gupta
13 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Sai Mehta
13 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Saanvi Pandey
15 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश करने जा रहे हैं। इस प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को मौजूदा कानून के तहत विशेष कानूनी संरक्षण प्रदान करना है। विधेयक पेश होने के साथ ही इस पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
वंदे मातरम्' को मिलेगा राष्ट्रगान जैसा कानूनी संरक्षण
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार 'वंदे मातरम्' को वैधानिक सुरक्षा के मामले में राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान दर्जा देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का तर्क है कि संविधान सभा में 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर व्यक्त भावना के अनुरूप अब इसे विधिक संरक्षण देने की आवश्यकता है।
अपमान या गायन में बाधा डालने पर 3 साल तक की सजा का प्रस्ताव
यदि यह विधेयक संसद से पारित होकर कानून बनता है, तो किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर राष्ट्रगीत का अपमान करने, उसके गायन में बाधा डालने या सम्मान को ठेस पहुंचाने पर तीन वर्ष तक की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान लागू हो सकेगा। वर्तमान में यह केवल एक प्रस्तावित कानूनी प्रावधान है और कानून बनने के बाद ही प्रभावी होगा।
1971 के कानून में होगा संशोधन
यह विधेयक 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971' में संशोधन का प्रस्ताव रखता है। मौजूदा कानून में राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के अपमान पर दंड का प्रावधान है। संशोधन के बाद राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को भी इसी कानूनी सुरक्षा के दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव है।
विपक्ष ने जताया विरोध, संसद में गरमाएगा मुद्दा
विपक्षी दलों ने इस प्रस्तावित विधेयक पर आपत्ति जताई है। कुछ दलों का कहना है कि विधेयक के संवैधानिक और कानूनी पहलुओं पर व्यापक चर्चा आवश्यक है। सरकार का पक्ष है कि यह राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा विषय है, जबकि विपक्ष इसे संसदीय बहस और परीक्षण के बाद ही आगे बढ़ाने की बात कह रहा है।
मानसून सत्र में कई अहम विधेयकों पर होगी चर्चा
20 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र में इस विधेयक के अलावा शिक्षा, आंतरिक सुरक्षा, आर्थिक और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा प्रस्तावित है। 'वंदे मातरम्' संरक्षण विधेयक सत्र के प्रमुख एजेंडों में शामिल है और इसके दोनों सदनों में व्यापक चर्चा तथा राजनीतिक बहस का केंद्र बनने की संभावना है।








