जनदबाव के आगे झुकी धामी सरकार: 4 हजार पेड़ों की कटाई पर रोक

4 हजार पेड़ों की कटाई पर रोक
प्रतिक्रियाएँ
Anjali Patil

Anjali Patil

0 सेकंड पहले

Yeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.

Ravi sinha

Ravi sinha

7 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Kavya Mishra

Kavya Mishra

7 घंटे पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

Diya Gupta

Diya Gupta

8 घंटे पहले

Community ko mil ke aage aana hoga is mudde par.

Kabir Shukla

Kabir Shukla

9 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Navya Nair

Navya Nair

9 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

9 घंटे पहले

Yeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.

Kunal Rao

Kunal Rao

11 घंटे पहले

Yeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.

Anjali Patil

Anjali Patil

11 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Krishna Yadav

Krishna Yadav

12 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Taushif Shekh

Taushif Shekh

12 घंटे पहले

Yeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.

Simran Arora

Simran Arora

13 घंटे पहले

Samaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

14 घंटे पहले

Logon ki madad karna hi asli dharam hai.

Anjali Patil

Anjali Patil

15 घंटे पहले

Samaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.

CommentsReactionsFeedback

उत्तराखंड सरकार ने भानियावाला-ऋषिकेश चार लेन सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत लगभग 4,369 पेड़ों की कटाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि स्थानीय लोगों, पर्यावरणविदों और सभी संबंधित पक्षों से दोबारा चर्चा होने तक किसी भी पेड़ की कटाई नहीं की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन जनता की भावनाओं और पर्यावरण की अनदेखी स्वीकार नहीं होगी।


'चिपको आंदोलन' की तर्ज पर हुआ जोरदार विरोध
देहरादून के थानों वन क्षेत्र और शिवालिक एलीफेंट कॉरिडोर में हजारों पेड़ों की कटाई के विरोध में महिलाओं, युवाओं और पर्यावरण प्रेमियों ने पेड़ों से लिपटकर ऐतिहासिक चिपको आंदोलन जैसी मुहिम शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने जंगलों में लगातार धरना दिया और सोशल मीडिया पर अभियान तेज कर दिया। बढ़ते जनदबाव और वायरल वीडियो के बाद सरकार को परियोजना की समीक्षा के लिए कदम पीछे खींचने पड़े।


19 किलोमीटर सड़क परियोजना पर नई समीक्षा होगी
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की यह 19 किलोमीटर लंबी सड़क चौड़ीकरण परियोजना देहरादून एयरपोर्ट से ऋषिकेश तक यातायात सुधारने के उद्देश्य से बनाई गई है। परियोजना के लिए हजारों पेड़ों को चिन्हित किया गया था। अब सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सड़क के एलाइनमेंट, फ्लाईओवर या अन्य वैकल्पिक डिजाइन पर तकनीकी विशेषज्ञों और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ नई समीक्षा की जाए, ताकि विकास और पर्यावरण दोनों के बीच संतुलन बनाया जा सके।

 

मुख्यमंत्री बोले—विकास होगा, लेकिन प्रकृति की कीमत पर नहीं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड का विकास सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन यह विकास जनता की भावनाओं, स्थानीय हितों और प्राकृतिक धरोहर की कीमत पर नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी हितधारकों के साथ संवाद कर ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे सड़क परियोजना भी आगे बढ़े और जंगलों को न्यूनतम नुकसान पहुंचे। मुख्यमंत्री के इस बयान को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।


पर्यावरणविदों ने फैसले का किया स्वागत, स्थायी समाधान की मांग
सरकार द्वारा पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने के फैसले का पर्यावरण संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने स्वागत किया है। हालांकि उन्होंने कहा कि केवल अस्थायी रोक पर्याप्त नहीं है। उनका मानना है कि परियोजना के डिजाइन में स्थायी बदलाव कर पेड़ों और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखा जाना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार यह क्षेत्र हाथियों सहित कई वन्यजीवों के आवागमन का महत्वपूर्ण कॉरिडोर है और देहरादून के पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी बेहद अहम है।


अब संवाद के बाद तय होगा परियोजना का भविष्य
वन विभाग, NHAI, स्थानीय प्रशासन, पर्यावरण विशेषज्ञों और आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों के बीच जल्द ही उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सड़क निर्माण के वैकल्पिक मॉडल, पर्यावरणीय प्रभाव और तकनीकी विकल्पों पर विस्तार से चर्चा होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय को अंतिम रिपोर्ट मिलने तक पेड़ों की कटाई पूरी तरह स्थगित रहेगी। इस फैसले को उत्तराखंड में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

प्रतिक्रियाएँ
Anjali Patil

Anjali Patil

0 सेकंड पहले

Yeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.

Ravi sinha

Ravi sinha

7 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Kavya Mishra

Kavya Mishra

7 घंटे पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

Diya Gupta

Diya Gupta

8 घंटे पहले

Community ko mil ke aage aana hoga is mudde par.

Kabir Shukla

Kabir Shukla

9 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Navya Nair

Navya Nair

9 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Aarav Sharma

Aarav Sharma

9 घंटे पहले

Yeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.

Kunal Rao

Kunal Rao

11 घंटे पहले

Yeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.

Anjali Patil

Anjali Patil

11 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Krishna Yadav

Krishna Yadav

12 घंटे पहले

Jab tak samaj nahi jaagega, kuch nahi badlega.

Taushif Shekh

Taushif Shekh

12 घंटे पहले

Yeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.

Simran Arora

Simran Arora

13 घंटे पहले

Samaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.

Reyansh Joshi

Reyansh Joshi

14 घंटे पहले

Logon ki madad karna hi asli dharam hai.

Anjali Patil

Anjali Patil

15 घंटे पहले

Samaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.

CommentsReactionsFeedback

खबरे और भी है...