27वां कारगिल विजय दिवस: वीरों को राष्ट्र का सलाम: कारगिल के शहीदों को देश का नमन

Taushif Shekh
17 मिनट पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Aarav Sharma
46 मिनट पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Aarav Sharma
2 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Pihu Agarwal
2 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Navya Nair
2 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Vaishali shinde
2 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Aarohi Chaudhary
2 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Pranav Srivastava
3 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Pihu Agarwal
3 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Krishna Yadav
3 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Krishna Yadav
4 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Nidhi kumari
4 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Nidhi kumari
4 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Shruti Bajpai
4 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Aryan Malhotra
4 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Sai Mehta
4 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Neha Tripathi
6 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Sai Mehta
7 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Vaishali shinde
7 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Pooja Reddy
7 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Simran Arora
7 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Ayaan Khan
7 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Anjali Patil
8 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Kavya Mishra
9 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Reyansh Joshi
9 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Shruti Bajpai
9 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
आज पूरा देश 27वाँ कारगिल विजय दिवस गर्व और सम्मान के साथ मना रहा है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' के तहत पाकिस्तानी घुसपैठियों को परास्त कर कारगिल की दुर्गम चोटियों पर दोबारा तिरंगा फहराया था। इस ऐतिहासिक जीत की याद में देशभर में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। सरकारी संस्थानों, सैन्य ठिकानों, स्कूलों और विभिन्न संगठनों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पूरा देश उन वीर सपूतों के बलिदान को याद कर उन्हें नमन कर रहा है।
द्रास कारगिल वॉर मेमोरियल में मुख्य श्रद्धांजलि समारोह
कारगिल विजय दिवस का मुख्य समारोह लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल में आयोजित किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सेना प्रमुख, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, शहीदों के परिजन और बड़ी संख्या में नागरिक इस अवसर पर मौजूद रहे। सभी ने अमर जवानों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। टाइगर हिल, तोलोलिंग और अन्य ऐतिहासिक चोटियों की पृष्ठभूमि में आयोजित समारोह में राष्ट्रभक्ति का वातावरण देखने को मिला। "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम्" के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
13 दिवसीय 'शौर्य विजय यात्रा' का द्रास में हुआ समापन
14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक से शुरू हुई 'शौर्य विजय यात्रा' आज द्रास में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। करीब 1,900 किलोमीटर की इस यात्रा में 28 राइडर्स ने हिस्सा लिया। यात्रा के दौरान वे राष्ट्रीय समर स्मारक की पवित्र मिट्टी से भरा कलश अपने साथ लेकर चले, जिसे कारगिल वॉर मेमोरियल में शहीदों की स्मृति को समर्पित किया गया। "वन राइड, वन नेशन, वन सल्यूट" थीम पर आयोजित इस अभियान का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना को मजबूत करना था।
527 वीर शहीदों के बलिदान को राष्ट्र ने किया याद
कारगिल युद्ध भारत के सैन्य इतिहास की सबसे गौरवशाली विजय में से एक माना जाता है। लगभग दो महीने तक चले इस युद्ध में भारतीय सेना के 527 जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। कैप्टन विक्रम बत्रा, कैप्टन मनोज कुमार पांडे, ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव और राइफलमैन संजय कुमार जैसे वीर सैनिकों की बहादुरी आज भी हर भारतीय को प्रेरित करती है। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देशभर में इन वीरों की शौर्य गाथाओं को याद किया गया।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने वीर सैनिकों को किया नमन
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और देश के कई प्रमुख नेताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया और आधिकारिक संदेशों के माध्यम से उन्होंने भारतीय सेना के साहस, पराक्रम और बलिदान को सलाम किया। नेताओं ने कहा कि कारगिल के वीरों का त्याग सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा। देश की सुरक्षा के लिए सैनिकों के समर्पण को सर्वोच्च सम्मान देने का संदेश भी दिया गया।
कारगिल विजय दिवस बना नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का पर्व
कारगिल विजय दिवस केवल विजय का उत्सव नहीं बल्कि नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देने का अवसर भी है। देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और सैन्य संस्थानों में विशेष कार्यक्रम, प्रदर्शनी और देशभक्ति समारोह आयोजित किए गए। युवाओं ने शहीदों की गाथाओं को सुनकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश की एकता एवं अखंडता की रक्षा का संकल्प लिया। कारगिल के अमर जवानों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।







