रूस से 139 भारतीय सुरक्षित लौटे: रूसी सेना से भारतीयों की रिहाई जारी

Shruti Bajpai
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
भारत सरकार के लगातार कूटनीतिक प्रयासों का बड़ा परिणाम सामने आया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि अब तक 139 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना से सुरक्षित मुक्त कराकर स्वदेश वापस लाया जा चुका है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि सरकार रूस के साथ लगातार संपर्क में है और शेष भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव प्रयास जारी हैं।
अभी भी 24 भारतीयों की वापसी बाकी
विदेश मंत्रालय के अनुसार, करीब 24 भारतीय नागरिक अब भी रूसी सेना से जुड़े विभिन्न कार्यों में मौजूद हैं। भारत सरकार उनकी जल्द रिहाई और सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए रूसी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रही है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी भारतीय नागरिक को पीछे नहीं छोड़ा जाएगा और सभी को सुरक्षित वापस लाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
फर्जी नौकरी के झांसे में फंसे थे युवा
सरकारी जानकारी के मुताबिक, कई भारतीय युवाओं को फर्जी ट्रैवल एजेंटों ने रूस में अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी—जैसे रसोइया, हेल्पर या अन्य सहायक पद—का लालच देकर भेजा था। वहां पहुंचने के बाद उन्हें कथित तौर पर जबरन सैन्य सेवाओं से जुड़े कार्यों में लगा दिया गया। विदेश मंत्रालय ने ऐसे संदिग्ध नौकरी प्रस्तावों से सतर्क रहने और केवल अधिकृत माध्यमों से ही विदेश जाने की सलाह दी है।
युद्ध में 30 से अधिक भारतीयों की मौत
यूक्रेन संघर्ष के दौरान रूसी सेना से जुड़े कार्यों में तैनात 30 से अधिक भारतीय नागरिकों की मृत्यु हो चुकी है। यह मामला सामने आने के बाद भारत सरकार ने लगातार रूस के समक्ष इस मुद्दे को उठाया। मृतकों के परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने और अन्य प्रभावित परिवारों की मदद के लिए भी सरकार आवश्यक कदम उठा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगी जवाबदेही
इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने केंद्र सरकार को विदेश मंत्रालय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है, जो प्रभावित परिवारों से समन्वय स्थापित करेगा। साथ ही, मृत भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर की स्वदेश वापसी, मुआवजे और अन्य राहत संबंधी मामलों की निगरानी भी की जाएगी।
सरकार की चेतावनी और भविष्य की रणनीति
विदेश मंत्रालय ने युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या निजी एजेंटों के माध्यम से मिलने वाले विदेशी नौकरी के संदिग्ध प्रस्तावों से सावधान रहें। भारत के कड़े रुख के बाद रूसी दूतावास ने भी स्पष्ट किया है कि यूक्रेन युद्ध के लिए भारतीय नागरिकों की नई भर्ती नहीं की जाएगी। सरकार का कहना है कि शेष भारतीयों की सुरक्षित वापसी तक राजनयिक प्रयास लगातार जारी रहेंगे।







