पीएम मोदी ने रचा इतिहास: बने भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री

Kunal Rao
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Ada khan
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Aryan Malhotra
1 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Aarohi Chaudhary
3 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 4,399 दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर सेवा देकर उन्होंने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर देश और दुनिया भर से उन्हें बधाइयों का सिलसिला जारी है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किया विशेष सम्मान
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में विशेष प्रस्ताव पारित किया गया। कैबिनेट सदस्यों ने खड़े होकर उनका अभिनंदन किया और लगातार तीन लोकतांत्रिक जनादेशों के माध्यम से देश का नेतृत्व करने की उपलब्धि की सराहना की। प्रस्ताव में उनके नेतृत्व में हुए आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक बदलावों का उल्लेख किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया विश्वास
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारत की जनता द्वारा उनके नेतृत्व में जताए गए अटूट विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में शासन, आर्थिक मजबूती और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं। राष्ट्रपति ने अंत्योदय और समावेशी विकास की दिशा में किए गए प्रयासों की भी सराहना की।
श्रीलंका के राष्ट्रपति ने भेजा विशेष संदेश
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र भेजकर बधाई दी। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में लगातार जनसमर्थन हासिल करना असाधारण उपलब्धि है। राष्ट्रपति ने भारत में हुए आर्थिक और सामाजिक सुधारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में उभरा है।
उन्होंने भारत द्वारा वर्ष 2022 के आर्थिक संकट के दौरान श्रीलंका को दिए गए सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया और दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने की उम्मीद जताई।
पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री ने बताया रोल मॉडल
पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने वीडियो संदेश जारी कर प्रधानमंत्री मोदी को वैश्विक नेतृत्व का आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालना और उन्हें बेहतर जीवन उपलब्ध कराना किसी चमत्कार से कम नहीं है। मारापे ने भारत की विकास यात्रा और मोदी के नेतृत्व की विशेष सराहना की।
त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री ने की प्रशंसा
त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंचों पर एक मजबूत और प्रभावशाली आवाज बनकर उभरा है। उन्होंने साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर लगातार तीन कार्यकाल तक दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का नेतृत्व करने को प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।
अमेरिकी सीनेटरों ने भी दी बधाई
अमेरिकी सीनेटर जॉन कॉर्निन सहित कई नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि उनका 4,399 दिनों का कार्यकाल 1.4 अरब भारतीयों के विश्वास और तीन लोकतांत्रिक जनादेशों का परिणाम है। उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के प्रयासों की सराहना की।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने जताई खुशी
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने हाल ही में रोम में हुई मुलाकात और भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सहयोग भविष्य में दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा करेगा।
वैश्विक मंच पर मजबूत हुई भारत की साख
विश्व नेताओं के संदेश इस बात का संकेत हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अंतरराष्ट्रीय साख और प्रभाव लगातार बढ़ा है। आर्थिक विकास, डिजिटल परिवर्तन, वैश्विक कूटनीति और विकासशील देशों की आवाज को मजबूती देने के कारण भारत आज वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।








