Worms Found in ICU Patient: रायचूर के सरकारी अस्पताल में ICU में भर्ती महिला के सिर की चोट में मिले कीड़े

Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Harsh Pandya
23 मिनट पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Myra Dubey
1 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Harsh Pandya
3 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Payal jadon
4 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Vihaan Patel
5 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
रायचूर के सरकारी अस्पताल में इलाज पर उठे सवाल
कर्नाटक के रायचूर स्थित सरकारी ओपेक अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सड़क दुर्घटना में घायल 30 वर्षीय महेश्वरी के सिर की चोट में स्कैनिंग के दौरान कीड़े मिलने का मामला सामने आया है। महिला के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
9 अक्टूबर को दुर्घटना में घायल हुई थीं महेश्वरी
जानकारी के अनुसार, यादगिरी की रहने वाली महेश्वरी 9 अक्टूबर को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें इलाज के लिए रायचूर के सरकारी ओपेक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि भर्ती होने के बाद तीन दिनों तक किसी विशेषज्ञ डॉक्टर ने उनकी स्थिति के अनुसार उचित उपचार नहीं किया। महिला की हालत को लेकर परिवार ने चिंता जताई और अस्पताल में इलाज की व्यवस्था पर सवाल उठाए।
पट्टी बांधने में लापरवाही का आरोप
परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार रात महिला के सिर पर पट्टी बांधने में लापरवाही बरती गई। उनका दावा है कि बाद में स्कैनिंग के दौरान सिर की चोट में कीड़े दिखाई दिए। इस घटना से परिवार के सदस्य सदमे में आ गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के कर्मचारियों ने विशेषज्ञ डॉक्टर के छुट्टी पर होने की बात कहकर उन्हें इंतजार कराया, जिससे इलाज में देरी हुई। परिवार ने संबंधित कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है।
आईसीयू की सुविधाओं पर भी उठाए सवाल
महेश्वरी के परिजनों ने अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायत की है। उनका कहना है कि मरीजों को स्कैनिंग के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। परिवार ने आईसीयू वार्ड में पंखे नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा कि मरीजों के रिश्तेदारों को हाथ से पंखा झलकर हवा करनी पड़ती है। परिजनों के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में गंभीर मरीजों की देखभाल करना और भी मुश्किल हो जाता है।
जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग
महेश्वरी के परिवार ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि डॉक्टरों या कर्मचारियों की ओर से कर्तव्य में लापरवाही बरती गई है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को बेहतर उपचार, समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की है। मामले में अस्पताल प्रशासन की जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







