CJP Leaders Released: दिल्ली की अदालत से CJP के तीन नेताओं को मिली रिहाई

Priya Iyer
1 दिन पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Riya Jain
1 दिन पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Vaishali shinde
1 दिन पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Riya Jain
1 दिन पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Vaishali shinde
1 दिन पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Pooja Reddy
1 दिन पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Dhruv Bhatt
1 दिन पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Neha Tripathi
1 दिन पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
दिल्ली की अदालत ने CJP के तीन नेताओं को किया रिहा
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली की अदालत से राहत मिल गई है। एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने तीनों को एक साल तक शांति और अच्छा व्यवहार बनाए रखने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तीनों ने 50,000 रुपये का बॉन्ड भरा, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
BNSS की धाराओं के तहत हुई थी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, तीनों नेताओं को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत एहतियातन हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें 11 अक्टूबर 2026 को दिल्ली कैंट स्थित एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। वहां शांति बनाए रखने और अच्छे व्यवहार की शर्त पर बॉन्ड भरवाकर रिहाई का आदेश दिया गया।
दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिए गए थे नेता
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले 10 अक्टूबर को तीनों CJP नेताओं को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान से उतरने के बाद हिरासत में लिया गया था। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की। रविवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया
प्रदर्शन को लेकर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया था। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने शनिवार को 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिसके चलते कई लोग जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच सके। विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई थीं।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
CJP और विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जानकारी सामने आई।
जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन का आह्वान
CJP ने 11 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए फिर अपील की। इस दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां की गईं। प्रदर्शनकारियों की मांग मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों से संबंधित है। मामले में आगे की स्थिति प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई और संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।








