WhatsApp की कमान अब भारतीय के हाथों में: CRED Founder कुणाल शाह

CRED Founder कुणाल शाह
प्रतिक्रियाएँ
Pooja Reddy

Pooja Reddy

55 मिनट पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

3 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

4 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

6 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Anika Rajput

Anika Rajput

7 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

CommentsReactionsFeedback

WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta ने एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन करते हुए भारतीय उद्यमी और CRED के संस्थापक कुणाल शाह को WhatsApp का नया Global Head नियुक्त किया है। करीब सात वर्षों तक WhatsApp का नेतृत्व करने वाले विल कैथकार्ट ने अपने पद से हटने का फैसला लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि WhatsApp आज पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है और यही समय है जब वह नई नेतृत्व टीम को जिम्मेदारी सौंप सकते हैं।
कैथकार्ट ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उनकी टीम ने एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग को दुनिया भर में तीन अरब से अधिक लोगों तक पहुंचाया और उपयोगकर्ताओं की निजी बातचीत को सुरक्षित रखने के लिए लगातार काम किया। उन्होंने कुणाल शाह की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने CRED को भारत की सबसे प्रभावशाली टेक कंपनियों में शामिल किया है और वे यूजर्स की जरूरतों को गहराई से समझते हैं।

CRED Founder से WhatsApp Global Head तक
मुंबई में पले-बढ़े कुणाल शाह भारतीय स्टार्टअप जगत के सबसे चर्चित नामों में शामिल हैं। उन्होंने विल्सन कॉलेज से फिलॉसफी में स्नातक किया और बाद में MBA की पढ़ाई शुरू की, लेकिन उसे बीच में ही छोड़ दिया। आर्थिक चुनौतियों से जूझते हुए उन्होंने कम उम्र में कई छोटे-बड़े काम किए और उद्यमिता की दिशा में कदम बढ़ाया।
साल 2010 में उन्होंने FreeCharge की स्थापना की, जिसने डिजिटल पेमेंट सेक्टर में नई पहचान बनाई। बाद में Snapdeal ने FreeCharge का अधिग्रहण किया। इसके बाद 2018 में कुणाल शाह ने CRED लॉन्च किया, जो समय पर क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान करने वाले ग्राहकों को रिवॉर्ड देने वाला लोकप्रिय फिनटेक प्लेटफॉर्म है। आज CRED भारत की प्रमुख फिनटेक कंपनियों में गिनी जाती है।

 

Meta-CRED डील ने बढ़ाई चर्चाएं
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार Meta, CRED में लगभग 900 मिलियन डॉलर का निवेश करने जा रही है। इस निवेश के बाद Meta को कंपनी में करीब 20 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलने की संभावना है और CRED का वैल्यूएशन लगभग 4.5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। हालांकि कंपनी ने इस निवेश को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
बताया जा रहा है कि कुणाल शाह ने CRED के दैनिक संचालन से हटने का निर्णय लिया है और अब कंपनी में शेयरहोल्डर के रूप में जुड़े रहेंगे। अंतरिम CEO के रूप में मितेन संपत जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

 

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव भारत के डिजिटल और फिनटेक सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। वर्तमान में UPI बाजार में PhonePe और Google Pay का दबदबा है, जबकि WhatsApp Pay अपेक्षाकृत पीछे है। ऐसे में Meta, Facebook, Instagram, WhatsApp और CRED के इकोसिस्टम को जोड़कर डिजिटल कॉमर्स और पेमेंट सेक्टर में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम कर सकती है।
इसके साथ ही यह पहली बार माना जा रहा है कि किसी भारतीय स्टार्टअप फाउंडर को दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की वैश्विक कमान सौंपी गई है। इससे भारतीय प्रतिभा और स्टार्टअप इकोसिस्टम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

 

साधारण शुरुआत, असाधारण उपलब्धि
कुणाल शाह की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। कॉलेज ड्रॉपआउट होने के बावजूद उन्होंने अपने विचारों, जोखिम लेने की क्षमता और बिजनेस समझ के दम पर टेक दुनिया में मजबूत पहचान बनाई। अब WhatsApp की वैश्विक जिम्मेदारी मिलने के बाद पूरी दुनिया की नजर उनके नेतृत्व और भविष्य की रणनीतियों पर रहेगी।

प्रतिक्रियाएँ
Pooja Reddy

Pooja Reddy

55 मिनट पहले

Desh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

3 घंटे पहले

Desh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.

Ananya Sharma

Ananya Sharma

4 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

6 घंटे पहले

Is decision ka poore desh par seedha asar padega.

Anika Rajput

Anika Rajput

7 घंटे पहले

Is niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.

CommentsReactionsFeedback

खबरे और भी है...