SCO में मोदी-पुतिन की गर्मजोशी भरी मुलाकात: यूक्रेन युद्ध पर पीएम मोदी ने दिया शांति का संदेश
Riya Jain
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Arjun Singh
3 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Sai Mehta
4 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Harsh Pandya
5 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Sai Mehta
6 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे का अभिवादन किया और हाथ मिलाने के बाद गले भी मिले। इस मुलाकात के दौरान भारत-रूस संबंधों के साथ यूक्रेन युद्ध को लेकर भी चर्चा हुई। पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश देते हुए लंबे समय से जारी संघर्ष को खत्म करने और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत पर जोर दिया।
मोदी-पुतिन की मुलाकात ने खींचा ध्यान
SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात के दौरान गर्मजोशी का माहौल नजर आया और उन्होंने हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने गले मिलकर भी अभिवादन किया, जिससे भारत और रूस के पारंपरिक संबंधों की झलक दिखाई दी। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब यूक्रेन युद्ध को लेकर वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर पीएम मोदी का जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के साथ बातचीत में यूक्रेन में जारी युद्ध को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष से मानवता को नुकसान होता है और अब युद्ध से शांति की ओर बढ़ने की जरूरत है। भारत लगातार सभी पक्षों के बीच बातचीत और कूटनीति के जरिए विवादों का समाधान करने की वकालत करता रहा है। मोदी ने भी इस मुलाकात के दौरान शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रयास जारी रखने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उनका यह संदेश SCO बैठक के दौरान भारत की कूटनीतिक स्थिति को भी स्पष्ट करता है।
रूस के साथ मजबूत संबंधों के बीच शांति का संदेश
भारत और रूस के बीच लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं और दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच लगातार उच्चस्तरीय बातचीत होती रही है। मोदी-पुतिन की मौजूदा मुलाकात में भी द्विपक्षीय संबंधों के साथ वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत रूस के साथ अपने संबंधों को बनाए रखते हुए यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की बात करता रहा है। पीएम मोदी ने युद्ध के बजाय संवाद और कूटनीति को आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। इस संतुलित रुख को भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
पुतिन ने भी मोदी की बात सुनी
मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन युद्ध के मानवीय प्रभाव और संघर्ष को खत्म करने की जरूरत पर अपनी बात रखी। रिपोर्टों के अनुसार राष्ट्रपति पुतिन ने मोदी के दृष्टिकोण को सुना और रूस की ओर से शांति की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही। हालांकि रूस का कहना है कि किसी भी समझौते की शर्तें उसकी सुरक्षा और अन्य मांगों को ध्यान में रखकर तय होनी चाहिए। ऐसे में मोदी-पुतिन बातचीत को युद्ध के बीच कूटनीतिक संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत लगातार सभी पक्षों से बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह करता रहा है।
SCO मंच पर भारत की कूटनीतिक भूमिका
बिश्केक में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन भारत को रूस, चीन और अन्य सदस्य देशों के साथ उच्चस्तरीय संवाद का अवसर दे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन के दौरान विभिन्न नेताओं के साथ मुलाकात कर क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा। यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत का रुख स्पष्ट रहा है कि संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। SCO जैसे बहुपक्षीय मंच पर इस संदेश को दोहराना भारत की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका को दर्शाता है। सम्मेलन में सुरक्षा, क्षेत्रीय सहयोग और वैश्विक चुनौतियों जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से चर्चा में हैं।
मुलाकात के बाद बढ़ी अंतरराष्ट्रीय हलचल
मोदी और पुतिन की मुलाकात ऐसे समय हुई है जब यूक्रेन में संघर्ष अभी भी जारी है और रूस तथा यूक्रेन के बीच शांति को लेकर कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आया है। इसी वजह से प्रधानमंत्री मोदी का युद्ध समाप्त करने और शांतिपूर्ण समाधान की अपील करना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना है। भारत एक ओर रूस के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर युद्ध को समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति की वकालत कर रहा है। मोदी-पुतिन की मुलाकात ने इस संतुलित कूटनीतिक रुख को एक बार फिर सामने रखा है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए आगे कौन से कूटनीतिक कदम उठाए जाते हैं।








