अमरोहा में 3 बहनों की शादी का वीडियो निकला प्रैंक: फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए कैमरामैन संग रचाया था ड्रामा

Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेYeh khabar sabko share karni chahiye!
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेBreaking news! Sabko is baare mein pata hona chahiye.
Vihaan Patel
49 मिनट पहलेIs update ka bahut intezaar tha.
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र में एक ही युवक से तीन बहनों की शादी का वायरल हुआ वीडियो अब प्रैंक बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए इस वीडियो को लेकर सोमवार को तीनों बहनों ने बाल कल्याण समिति के सामने अपने बयान दर्ज कराए। समिति के समक्ष उन्होंने दावा किया कि उन्होंने वास्तव में शादी नहीं की थी, बल्कि सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने के लिए कैमरामैन के साथ मिलकर प्रैंक वीडियो बनाया था।
17 जुलाई को वायरल हुआ था शादी का वीडियो
हसनपुर क्षेत्र के धौरिया गांव की रहने वाली तीन बहनें सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने के लिए सक्रिय हैं। तीनों बहनों का एक इंस्टाग्राम अकाउंट है, जहां वे नियमित रूप से वीडियो और रील्स पोस्ट करती हैं। इनके साथ श्यामपुरी गांव निवासी विकास भी कैमरामैन के तौर पर वीडियो बनाने में शामिल रहता है।
17 जुलाई 2026 को तीनों बहनों ने विकास के साथ मंदिर में शादी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। वीडियो में तीनों ने एक ही युवक से शादी करने का दावा किया था। उन्होंने वीडियो में कहा था कि तीनों बहनों के बीच काफी प्रेम है और वे एक-दूसरे से अलग नहीं रहना चाहतीं। इसी वजह से उन्होंने विकास के साथ शादी करने की बात कही थी।
वीडियो वायरल होते ही तेजी से बढ़े फॉलोअर्स और व्यूज
शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट होते ही तेजी से वायरल हो गया। देखते ही देखते तीनों बहनों के अकाउंट पर फॉलोअर्स और व्यूज की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, 24 घंटे के भीतर फॉलोअर्स की संख्या करीब 4.60 लाख से बढ़कर 5.15 लाख तक पहुंच गई थी। वहीं, वीडियो की रीच भी तेजी से बढ़ी।
हालांकि, वायरल वीडियो के बाद तीनों बहनों को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। इसके बावजूद वे लगातार ऐसे वीडियो पोस्ट करती रहीं, जिनमें शादी के दावे को सही बताया जा रहा था। इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी।
नाबालिग बहन की उम्र सामने आने के बाद शुरू हुई जांच
मामले में उस समय नया मोड़ आया जब एक ग्रामीण ने बाल कल्याण समिति को तीनों बहनों में से एक नाबालिग बहन की मार्कशीट भेजकर कार्रवाई की मांग की। दस्तावेजों के अनुसार, उसकी उम्र करीब 15 वर्ष बताई गई।
इसके बाद बाल कल्याण समिति ने हसनपुर पुलिस और बाल संरक्षण इकाई को नोटिस जारी कर मामले की जांच रिपोर्ट मांगी। सोमवार को पुलिस तीनों बहनों को बाल कल्याण समिति के सामने लेकर पहुंची, जहां करीब चार घंटे तक उनसे पूछताछ की गई।
समिति के सामने बोलीं- शादी नहीं, सिर्फ प्रैंक वीडियो था
पूछताछ के दौरान तीनों बहनों ने समिति के सामने कहा कि उन्होंने वास्तव में शादी नहीं की थी। उनका दावा था कि यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने के लिए बनाया गया एक प्रैंक था।
तीनों ने समिति को यह भी बताया कि शादी का वीडियो बनाने से पहले उन्होंने 17 जुलाई को ही करीब 19 सेकेंड का एक अन्य वीडियो बनाया था, जिसमें इस पूरे घटनाक्रम को प्रैंक बताया गया था। हालांकि, उस वीडियो को उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं किया था। बाद में यही वीडियो उन्होंने समिति के सामने साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया।
‘ट्रोलिंग के डर से सच नहीं बताया’
बयान के दौरान तीनों बहनों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वायरल वीडियो के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया गया। उनका कहना था कि ट्रोलिंग और बढ़ती चर्चा के बीच उन्होंने प्रैंक होने की सच्चाई सार्वजनिक नहीं की।
तीनों ने यह भी माना कि सामाजिक दृष्टि से इस तरह का वीडियो बनाना उनकी गलती थी और उन्हें इसका अहसास है। उन्होंने समिति के सामने शादी से संबंधित वीडियो को डिलीट करने की बात भी कही है।
बाल कल्याण समिति ने दस्तावेज लेकर भेजा घर
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज के अनुसार, तीनों बहनों ने अपने बयान में शादी से इनकार किया और इसे केवल प्रैंक वीडियो बताया। समिति के समक्ष आवश्यक दस्तावेज जमा कराने के बाद तीनों को उनके परिजनों के साथ घर भेज दिया गया।
समिति के अनुसार, मामले में पुलिस और बाल संरक्षण इकाई की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद पूरे प्रकरण में विधिक राय लेकर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
तीनों बहनें सोशल मीडिया के साथ पढ़ाई भी कर रही हैं
सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने के साथ ही तीनों बहनें अपनी पढ़ाई भी जारी रखे हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बड़ी बहन स्थानीय कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रही है, जबकि दूसरी बहन ने इसी वर्ष 12वीं की परीक्षा पास की है। नाबालिग बहन वर्तमान में कक्षा 12 में अध्ययनरत बताई गई है।
प्रैंक वीडियो ने खड़े किए सोशल मीडिया कंटेंट पर सवाल
इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए बनाए जा रहे कंटेंट और उसकी सीमाओं को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने की होड़ में बनाए गए ऐसे वीडियो कभी-कभी वास्तविक घटनाओं की तरह पेश होकर लोगों के बीच भ्रम पैदा कर सकते हैं। अमरोहा का यह मामला भी इसी तरह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने वाले कंटेंट के प्रभाव का उदाहरण बनकर सामने आया है।
फिलहाल बाल कल्याण समिति पुलिस और बाल संरक्षण इकाई की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। जांच रिपोर्ट और विधिक राय के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।


