मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपा पर बड़ा हमला: योगी बोले "ना कर्फ्यू ना दंगा यूपी में सब चंगा है"
Kabir Shukla
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Aarav Sharma
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Neel Saxena
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Vihaan Patel
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Kunal Rao
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Monika Das
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Krishna Yadav
0 सेकंड पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Diya Gupta
3 मिनट पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Simran Arora
16 मिनट पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Anika Rajput
1 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Nisha Shah
1 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Nidhi kumari
2 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Simran Arora
2 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Priya Iyer
2 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Sneha Menon
3 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Vaishali shinde
3 घंटे पहलेHar Hindustani ko yeh padhna aur samajhna chahiye.
Aditya Verma
4 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा के मजबूत गढ़ माने जाने वाले इटावा और मैनपुरी में जनसभाओं को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश बदल चुका है। उन्होंने अपना चर्चित नारा दोहराते हुए कहा, "ना कर्फ्यू है, ना दंगा है, यूपी में सब चंगा है।" योगी ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने अपराध और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर प्रदेश में सुरक्षित माहौल बनाया है।
2017 से पहले के यूपी को लेकर योगी का हमला
जनसभा में सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान दंगों, अराजकता और माफिया राज से होती थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज प्रदेश में विकास, निवेश और कानून व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।
अखिलेश यादव पर नाम लिए बिना साधा निशाना
सीएम योगी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लिए बिना उनकी कार्यशैली पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो लोग देर से उठते हैं और अपना समय निजी गतिविधियों में बिताते हैं, वे जनता और युवाओं के विकास की चिंता कैसे करेंगे। योगी ने सपा पर परिवारवाद और 'सैफई सिंडिकेट' का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकारों में युवाओं के अवसर प्रभावित हुए।
सपा का पलटवार, बोली इटावा का अपमान किया
मुख्यमंत्री के आरोपों पर समाजवादी पार्टी ने पलटवार किया है। सपा नेताओं ने कहा कि इटावा की धरती पर आकर मुख्यमंत्री ने जिले और यहां की जनता का अपमान किया है। सपा प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने भाजपा सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर विकास के वास्तविक आंकड़ों पर बात करनी चाहिए।
कानून व्यवस्था पर आमने-सामने भाजपा और सपा
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कानून व्यवस्था एक बार फिर बड़ा मुद्दा बन गई है। भाजपा जहां अपने शासनकाल को अपराध मुक्त और विकास केंद्रित बता रही है, वहीं समाजवादी पार्टी लगातार सरकार पर सवाल उठा रही है। दोनों दल आने वाले राजनीतिक मुकाबलों को देखते हुए जनता के बीच अपनी-अपनी उपलब्धियां और दावे पेश कर रहे हैं।
यूपी की सियासत में बढ़ी बयानबाजी
इटावा और मैनपुरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। भाजपा ने इसे विकास और सुशासन का मुद्दा बताया है, जबकि सपा ने इसे राजनीतिक हमला करार दिया है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले चुनावों में यह मुद्दा अहम भूमिका निभा सकता है।








