भारत-यूके व्यापार समझौता आज से लागू: भारत-UK FTA से व्यापार और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

भारत-UK FTA से व्यापार और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
प्रतिक्रियाएँ
Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

1 दिन पहले

Yeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

1 दिन पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Payal jadon

Payal jadon

2 दिन पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

Pihu Agarwal

Pihu Agarwal

2 दिन पहले

Bahut achhi reporting ki hai, keep it up!

Aarav Sharma

Aarav Sharma

2 दिन पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.

Ravi sinha

Ravi sinha

2 दिन पहले

Yeh news bahut zaroori hai public ke liye.

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भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) 15 जुलाई 2026 से आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। इसे भारत के व्यापारिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी। साथ ही भारतीय उद्योगों को ब्रिटिश बाजार में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।


99% भारतीय उत्पादों को मिलेगा ड्यूटी-फ्री प्रवेश
समझौते के तहत ब्रिटेन ने अपनी लगभग 99% टैरिफ लाइनों पर आयात शुल्क समाप्त या बेहद कम कर दिया है। अब कपड़ा, रेडीमेड गारमेंट्स, चमड़ा, फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, समुद्री उत्पाद और प्रसंस्कृत खाद्य जैसे अधिकांश भारतीय उत्पाद बिना सीमा शुल्क के ब्रिटिश बाजार में पहुंच सकेंगे। इससे भारतीय निर्यातकों की लागत घटेगी और वैश्विक बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।


MSME और श्रम-प्रधान उद्योगों को बड़ा फायदा
इस व्यापार समझौते का सबसे अधिक लाभ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) तथा श्रम-प्रधान क्षेत्रों को मिलने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, ड्यूटी समाप्त होने से भारतीय निर्यातकों को हर वर्ष करोड़ों डॉलर की बचत होगी। इससे स्थानीय कारीगरों, छोटे उद्योगों और निर्यात आधारित विनिर्माण क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का अवसर मिलेगा। रोजगार सृजन और उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होने की संभावना है।

 

 भारतीय IT प्रोफेशनल्स को मिलेगी बड़ी राहत
CETA के साथ लागू हुए डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन (DCC) के तहत अब ब्रिटेन में अधिकतम पांच वर्ष तक कार्यरत भारतीय पेशेवरों को, यदि वे भारत में सामाजिक सुरक्षा योगदान दे रहे हैं, तो यूके के नेशनल इंश्योरेंस सिस्टम में दोबारा योगदान नहीं देना होगा। इस व्यवस्था से 75,000 से अधिक भारतीय पेशेवरों और लगभग 900 कंपनियों को वित्तीय लाभ मिलने का अनुमान है। विशेष रूप से आईटी और इंजीनियरिंग क्षेत्र को इसका सीधा फायदा मिलेगा।


2030 तक 100 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
भारत और ब्रिटेन ने इस समझौते के माध्यम से वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को लगभग 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच निवेश, तकनीकी सहयोग और सप्लाई चेन साझेदारी को मजबूती मिलेगी। भारतीय कंपनियों के लिए ब्रिटिश बाजार में नए अवसर खुलेंगे, जबकि ब्रिटिश निवेशकों को भी भारत में अधिक संभावनाएं मिलेंगी।


संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित
समझौते के दौरान भारत ने डेयरी, अनाज, दालें, कुछ कृषि उत्पाद और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों को विशेष संरक्षण दिया है ताकि घरेलू किसानों और उत्पादकों के हित प्रभावित न हों। वहीं भारत ने स्कॉच व्हिस्की और सीमित संख्या में ब्रिटिश इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे कुछ उत्पादों पर आयात शुल्क में रियायत देने पर सहमति जताई है। सरकार का कहना है कि यह समझौता संतुलित, पारस्परिक लाभकारी और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

 

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Saanvi Pandey

Saanvi Pandey

1 दिन पहले

Yeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

1 दिन पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Payal jadon

Payal jadon

2 दिन पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

Pihu Agarwal

Pihu Agarwal

2 दिन पहले

Bahut achhi reporting ki hai, keep it up!

Aarav Sharma

Aarav Sharma

2 दिन पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.

Ravi sinha

Ravi sinha

2 दिन पहले

Yeh news bahut zaroori hai public ke liye.

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