LAHDC कारगिल में पास हुआ ₹255 करोड़ का बजट: बजट सत्र में NC-BJP की एकजुटता, कांग्रेस का बहिष्कार

बजट सत्र में NC-BJP की एकजुटता, कांग्रेस का बहिष्कार
प्रतिक्रियाएँ
Sai Mehta

Sai Mehta

1 दिन पहले

Bahut achhi reporting ki hai, keep it up!

Sonu rai

Sonu rai

1 दिन पहले

Sarkar ko public ko jawab dena chahiye.

Pooja Reddy

Pooja Reddy

1 दिन पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Pihu Agarwal

Pihu Agarwal

1 दिन पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Kunal Rao

Kunal Rao

1 दिन पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

1 दिन पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

CommentsReactionsFeedback

कारगिल हिल काउंसिल (LAHDC Kargil) के बजट सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹255.26 करोड़ का जिला कैपेक्स (Capex) बजट सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। मुख्य कार्यकारी पार्षद (CEC) डॉ. मोहम्मद जाफ़र अखून की अध्यक्षता में हुई बैठक में विकास कार्यों के लिए इस बजट को मंजूरी दी गई। परिषद का यह फैसला कारगिल के बुनियादी ढांचे, सड़क, शिक्षा और अन्य विकास परियोजनाओं को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


NC और BJP एक साथ आए, कांग्रेस को झटका
30 सदस्यीय परिषद में बजट के पक्ष में कुल 20 पार्षदों ने मतदान किया। इनमें नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के 12 सदस्य, भाजपा (BJP) के 6 सदस्य, एक कांग्रेस बागी और एक निर्दलीय पार्षद शामिल रहे। दूसरी ओर कांग्रेस के अधिकांश पार्षदों ने पूरे बजट सत्र का बहिष्कार किया। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में नया समीकरण खड़ा कर दिया और कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।


पावर-शेयरिंग विवाद बना राजनीतिक संकट की वजह
साल 2023 के चुनाव के बाद NC और कांग्रेस के बीच ढाई-ढाई साल के लिए CEC पद साझा करने का समझौता हुआ था। अप्रैल 2026 में डॉ. मोहम्मद जाफ़र अखून का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद उन्होंने प्रशासनिक निरंतरता का हवाला देते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया। इसी विवाद के चलते कांग्रेस ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया और दोनों सहयोगी दलों के रिश्तों में दरार खुलकर सामने आ गई।

 

अविश्वास प्रस्ताव हुआ कमजोर, भाजपा ने दिया समर्थन
कांग्रेस ने अपने सहयोगियों और कुछ निर्दलीय सदस्यों के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन बजट सत्र में भाजपा ने डॉ. अखून को खुला समर्थन दे दिया। भाजपा के समर्थन से NC ने सदन में बहुमत बनाए रखा और बजट आसानी से पारित हो गया। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव प्रभावहीन हो गया और परिषद में NC की स्थिति और मजबूत दिखाई दी।


कांग्रेस का बहिष्कार, नई राजनीतिक चर्चा शुरू
कांग्रेस के अधिकांश पार्षदों द्वारा बजट सत्र का बहिष्कार किए जाने के बाद स्थानीय राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NC और BJP की यह सामरिक नजदीकी केवल बजट तक सीमित रहेगी या आगे भी राजनीतिक सहयोग में बदल सकती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। इससे लद्दाख की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं।


विकास और भविष्य की राजनीति पर रहेगा असर
बजट पारित होने के साथ ही कारगिल जिले में विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, NC और कांग्रेस के बीच बढ़ी दूरी तथा भाजपा के समर्थन से बने नए राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में लद्दाख की क्षेत्रीय राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। परिषद के भीतर बदले शक्ति संतुलन का असर भविष्य के प्रशासनिक फैसलों और स्थानीय चुनावी रणनीतियों पर भी देखने को मिल सकता है।

 

प्रतिक्रियाएँ
Sai Mehta

Sai Mehta

1 दिन पहले

Bahut achhi reporting ki hai, keep it up!

Sonu rai

Sonu rai

1 दिन पहले

Sarkar ko public ko jawab dena chahiye.

Pooja Reddy

Pooja Reddy

1 दिन पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Pihu Agarwal

Pihu Agarwal

1 दिन पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

Kunal Rao

Kunal Rao

1 दिन पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

1 दिन पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

CommentsReactionsFeedback

खबरे और भी है...