Shah Targets Congress: अमित शाह ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर साधा निशाना

Pranav Srivastava
3 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Taushif Shekh
8 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Arjun Singh
9 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Aarohi Chaudhary
11 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Myra Dubey
11 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Ayaan Khan
11 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Vaishali shinde
13 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
राहुल गांधी और कांग्रेस पर अमित शाह का हमला
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की रैली को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान शाह ने कहा कि 1 नवंबर को रैली आयोजित करने से दंगा पीड़ितों और उनके परिवारों की पुरानी पीड़ाएं फिर से ताजा हो सकती हैं। उन्होंने इस तारीख पर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने के फैसले को पीड़ित परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा बताया।
1984 के दंगों की बरसी पर उठाए सवाल
अमित शाह ने 1 नवंबर 1984 को दिल्ली में हुई सिख-विरोधी हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान हजारों निर्दोष लोगों की जान गई थी। उन्होंने कहा कि कई परिवार उजड़ गए, बच्चे अनाथ हुए और महिलाओं को अपने परिजनों को खोना पड़ा। शाह ने INDIA गठबंधन की रैली की तारीख पर सवाल उठाते हुए कहा, "जिस दिन सिखों का नरसंहार हुआ था, उसी दिन इन्हें रैली आयोजित करनी थी।" यह रैली विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और कथित चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे पर आयोजित की गई थी।
राजीव गांधी के पुराने बयान का किया जिक्र
शाह ने 1984 के दंगों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के विवादित बयान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने उस समय कहा था कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है। शाह ने इस बयान को याद करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों की हत्या के बाद इस तरह की टिप्पणी को वह जीवनभर नहीं भूल सकते।
मोदी सरकार के कार्यकाल का किया उल्लेख
गृह मंत्री ने दावा किया कि 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद 1984 के दंगों से जुड़े बंद मामलों को दोबारा खुलवाया गया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया गया और दोषी पाए गए कांग्रेस नेताओं को जेल भेजा गया। शाह ने यह भी आरोप लगाया कि 1984 की हिंसा में कांग्रेस के नेताओं की भूमिका रही थी।
मॉक संसद को लेकर राहुल गांधी पर तंज
अमित शाह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की प्रतीकात्मक 'मॉक संसद' की कार्रवाई पर भी टिप्पणी की। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री बनना है तो वे मॉक पार्लियामेंट में ही बने रहें। शाह ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और अराजकता फैलाने के आरोप भी लगाए। वहीं, INDIA गठबंधन की रैली का उद्देश्य कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ विरोध दर्ज कराना और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करना था।
मॉक संसद को लेकर राहुल गांधी पर तंज
अमित शाह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की प्रतीकात्मक 'मॉक संसद' की कार्रवाई पर भी टिप्पणी की। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री बनना है तो वे मॉक पार्लियामेंट में ही बने रहें। शाह ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और अराजकता फैलाने के आरोप भी लगाए। वहीं, INDIA गठबंधन की रैली का उद्देश्य कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ विरोध दर्ज कराना और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करना था।








