पीएम मोदी बोले- 'जो सीखेगा वो जीतेगा': IIT दिल्ली में पीएम मोदी का बड़ा मंत्र

Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तेजी से बदलती तकनीक के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाला समय उन्हीं लोगों का होगा, जो लगातार नई चीजें सीखने के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने युवाओं को Lifelong Learning की आदत विकसित करने की सलाह दी। पीएम मोदी के मुताबिक तकनीक लगातार बदल रही है, इसलिए आज हासिल किया गया ज्ञान भविष्य में पर्याप्त नहीं हो सकता।
बड़ी समस्या को छोटे हिस्सों में बांटने का मंत्र
पीएम मोदी ने छात्रों को जीवन की बड़ी चुनौतियों से निपटने का एक सरल तरीका भी बताया। उन्होंने कहा कि जब कोई समस्या बहुत बड़ी दिखाई दे तो घबराने के बजाय उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर समाधान तलाशना चाहिए। इस तरीके से जटिल समस्याओं को चरणबद्ध तरीके से समझना और उनका समाधान निकालना आसान हो जाता है। उन्होंने छात्रों को इस सोच को अपने व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में अपनाने की सलाह दी।
सिर्फ सवाल नहीं, जवाब खोजने की कोशिश करें
प्रधानमंत्री ने युवाओं को सवाल पूछने के साथ-साथ उनके समाधान तलाशने की आदत विकसित करने को कहा। उन्होंने छात्रों को लीक से हटकर सोचने और नई संभावनाओं पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। पीएम मोदी ने कहा कि केवल समस्याओं की पहचान करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके समाधान के लिए पहल करना और प्रयोग करना भी जरूरी है। यही सोच रिसर्च और इनोवेशन को आगे बढ़ाती है।
जिंदगी आउट ऑफ सिलेबस होती है'
दीक्षांत समारोह में पीएम मोदी ने छात्रों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए भी तैयार रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि परीक्षा का एक निश्चित सिलेबस होता है, लेकिन जिंदगी अक्सर आउट ऑफ सिलेबस होती है। ऐसे में विद्यार्थियों को अनिश्चित परिस्थितियों से निपटने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि असफलता और अप्रत्याशित चुनौतियां भी सीखने का अवसर बन सकती हैं।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के युवाओं के पास भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने रॉकेट, सेमीकंडक्टर, ड्रोन और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में हो रहे विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि नई पीढ़ी देश की तकनीकी क्षमता को नई ऊंचाई तक ले जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और प्रतिभा का इस्तेमाल राष्ट्र निर्माण में करने का आह्वान किया।
छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने पर पीएम का जोर
समारोह में प्रधानमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल और डायरेक्टर गोल्ड मेडल प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने छात्राओं की उपलब्धियों और उनकी भागीदारी का भी उल्लेख किया। पीएम मोदी ने इच्छा जताई कि आने वाले वर्षों में IIT दिल्ली के शीर्ष पुरस्कार हासिल करने वाले विद्यार्थियों में बेटियों की संख्या और अधिक हो। उन्होंने तकनीकी शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
परम प्रज्ञा' सुपरकंप्यूटिंग सुविधा का उद्घाटन
दीक्षांत समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री ने IIT दिल्ली के सोनीपत परिसर में स्थापित 'परम प्रज्ञा' हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग सुविधा का उद्घाटन भी किया। नेशनल सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत विकसित यह सुविधा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और एडवांस्ड कंप्यूटिंग से जुड़े अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए उपयोग की जाएगी। इस सुविधा से शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को अत्याधुनिक कंप्यूटिंग संसाधन उपलब्ध होने की उम्मीद है।
युवाओं को सीखने, रिसर्च और इनोवेशन का संदेश
प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन युवाओं को लगातार सीखने, सवाल पूछने, समस्याओं का समाधान तलाशने और नई तकनीक का इस्तेमाल करने के संदेश पर केंद्रित रहा। उन्होंने IIT दिल्ली के स्नातकों से कहा कि वे अपनी शिक्षा को केवल व्यक्तिगत करियर तक सीमित न रखें, बल्कि उसका इस्तेमाल समाज और देश की बड़ी समस्याओं को हल करने में करें। दीक्षांत समारोह में दिया गया उनका संदेश 'जो सीखेगा, वही जीतेगा' युवाओं के लिए भविष्य की बदलती दुनिया में लगातार खुद को अपडेट रखने की सीख के रूप में सामने आया।






