भोपाल ATM फ्रॉड का मास्टर ट्रेनर गिरफ्तार: बिहार से पकड़ा गया गैंग का ट्रेनर

बिहार से पकड़ा गया गैंग का ट्रेनर
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Aarav Sharma

Aarav Sharma

0 सेकंड पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

0 सेकंड पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Pihu Agarwal

Pihu Agarwal

56 मिनट पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

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भोपाल पुलिस को इस गिरोह का सुराग पहले गिरफ्तार आरोपी आसिफ आलम उर्फ जानू से मिला था। उसके खुलासे के आधार पर बिहार के मुजफ्फरपुर में संयुक्त कार्रवाई कर अभिषेक कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया। 11 जुलाई 2026 को स्थानीय अदालत ने आरोपी को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल पुलिस के हवाले कर दिया। अब उससे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जाएगी।


इंजीनियर रहा आरोपी, चलाता था ट्रेनिंग क्लास
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अभिषेक कुमार सिंह मूल रूप से बिहार के छपरा का रहने वाला है और पहले एक कैश लोडिंग एजेंसी में सीनियर इंजीनियर के पद पर काम कर चुका है। बाद में उसने अपनी तकनीकी जानकारी का गलत इस्तेमाल करते हुए मुजफ्फरपुर के भगवानपुर स्थित किराए के मकान में दो दिन का प्रशिक्षण मॉड्यूल शुरू किया, जहां युवाओं को एटीएम से ठगी करने के तरीके सिखाए जाते थे।


मास्टर-की और प्लास्टिक स्ट्रिप से करते थे ठगी
जांच में सामने आया कि आरोपी मास्टर-की से एटीएम मशीन का शटर खोलते थे और कैश डिस्पेंसर के भीतर विशेष प्लास्टिक स्ट्रिप या टेप लगा देते थे। इसके कारण ग्राहक द्वारा निकाली गई नकदी मशीन के अंदर ही फंस जाती थी। ग्राहक के जाने के बाद आरोपी दोबारा मशीन खोलकर फंसी हुई रकम निकाल लेते थे। यह तरीका लंबे समय तक बिना किसी संदेह के अपनाया जाता रहा।

 

₹10 हजार निकालने वाले ग्राहकों को बनाते थे निशाना
पुलिस के मुताबिक गिरोह खासतौर पर उन ग्राहकों को निशाना बनाता था जो एटीएम से ₹10,000 की निकासी करते थे। जांच में सामने आया कि इस राशि पर कई मामलों में अतिरिक्त सुरक्षा सत्यापन या ओटीपी की प्रक्रिया लागू नहीं होती, जिसका आरोपी फायदा उठाते थे। इसी रणनीति के जरिए उन्होंने कई एटीएम से लगातार रकम निकाली।


भोपाल के 13 SBI ATM से लाखों की निकासी
जांच एजेंसियों के अनुसार गिरोह ने भोपाल के शाहपुरा, कोलार और अशोका गार्डन क्षेत्र में स्थित लगभग 13 एसबीआई एटीएम को निशाना बनाया। शुरुआती जांच में करीब ₹9 लाख से ₹20 लाख तक की संदिग्ध निकासी की बात सामने आई है। पुलिस पूरे लेन-देन का डिजिटल ऑडिट करा रही है ताकि वास्तविक नुकसान का पता लगाया जा सके।


अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार, सरगना इंजीनियरिंग छात्र
पुलिस इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के अनुसार गिरोह का सरगना गया निवासी विपुल कुमार उर्फ सोनू है, जो भोपाल के एक निजी कॉलेज में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग का छात्र बताया गया है। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं, नकदी और वारदात में इस्तेमाल वाहन जब्त किए हैं तथा पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।

 

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Aarav Sharma

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Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

Vivaan Gupta

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Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Pihu Agarwal

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56 मिनट पहले

Police ko aur tezi se karyawahi karni chahiye.

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