9 सितंबर को TVK की अहम गठबंधन बैठक: गठबंधन के नए नाम पर होगी चर्चा

Riya Jain
7 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Ravi sinha
9 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Shruti Bajpai
10 घंटे पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Neha Tripathi
13 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Shruti Bajpai
13 घंटे पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Anika Rajput
14 घंटे पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Aditya Verma
14 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
तमिलनाडु की सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम यानी TVK ने अपने गठबंधन और समर्थन देने वाले दलों की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक 9 सितंबर 2026 को बुलाने की घोषणा की है। यह बैठक चेन्नई के पनेयूर स्थित TVK मुख्यालय में शाम 4 बजे आयोजित की जाएगी और इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री एवं TVK अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय करेंगे। पहली समन्वय बैठक 1 जुलाई को कोवलम में हुई थी, जिसमें कांग्रेस, VCK, IUML और MDMK के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था, जबकि वाम दलों ने दूरी बनाए रखी थी। अब TVK ने दूसरी बैठक के जरिए अपने राजनीतिक मोर्चे को अधिक औपचारिक रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। बैठक में गठबंधन की भविष्य की राजनीतिक रणनीति और आपसी समन्वय पर चर्चा होने की संभावना है।
गठबंधन के नाम और राजनीतिक ढांचे पर चर्चा
9 सितंबर की बैठक में TVK के नेतृत्व वाले राजनीतिक मोर्चे को औपचारिक नाम देने और उसके भविष्य के ढांचे पर चर्चा होने की उम्मीद है। India Today की रिपोर्ट के अनुसार बैठक में गठबंधन के आधिकारिक नाम की घोषणा की जा सकती है। वहीं अन्य रिपोर्टों में गठबंधन की संरचना और भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर चर्चा की बात सामने आई है। ऐसे में बैठक को केवल औपचारिक मुलाकात के बजाय राजनीतिक मोर्चे को व्यवस्थित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। TVK सरकार बनने के बाद यह दूसरी बड़ी समन्वय बैठक होगी। बैठक में स्थानीय निकाय चुनाव और आगे की राजनीतिक रणनीति जैसे मुद्दे भी चर्चा में आ सकते हैं। हालांकि अंतिम फैसलों की पुष्टि बैठक के बाद ही होगी।
कांग्रेस 9 सितंबर की बैठक में होगी शामिल
TVK की बैठक को लेकर अब कांग्रेस की भागीदारी भी स्पष्ट हो गई है। तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष बी. मणिकम टैगोर ने 5 सितंबर को पुष्टि की कि कांग्रेस 9 सितंबर की बैठक में शामिल होगी। कांग्रेस का प्रतिनिधित्व कौन करेगा और बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इसे लेकर पार्टी स्तर पर तैयारी की जा रही है। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि TVK के कुछ नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री विजय को 2029 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के संभावित चेहरे के रूप में पेश किए जाने से कांग्रेस के भीतर नाराजगी सामने आई है। इसके बावजूद कांग्रेस ने बैठक में भाग लेने का फैसला किया है। इससे संकेत मिलता है कि दोनों दलों के बीच राजनीतिक मतभेदों के बावजूद मौजूदा गठबंधन को लेकर बातचीत का रास्ता खुला हुआ है।
CPI को न्योता, लेकिन गठबंधन में शामिल होने से इनकार
TVK ने वाम दलों को भी 9 सितंबर की बैठक के लिए आमंत्रित किया है। TVK नेताओं ने CPI और CPM के नेताओं से व्यक्तिगत मुलाकात कर बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। हालांकि CPI के तमिलनाडु महासचिव एम. वीरपांडियन ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी TVK के गठबंधन और मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होगी। CPI ने कहा है कि वह TVK सरकार को मुद्दे के आधार पर बाहर से समर्थन देने की अपनी राजनीतिक स्थिति बनाए रखेगी। दूसरी ओर CPM को भी बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है और TVK की ओर से वाम दलों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश जारी है। इसलिए CPI को मौजूदा समय में TVK गठबंधन का औपचारिक सहयोगी बताना सही नहीं होगा।
MDMK समेत दूसरे दलों से भी संपर्क
TVK ने MDMK और अन्य सहयोगी एवं समर्थन देने वाले दलों से भी 9 सितंबर की बैठक में भाग लेने का आग्रह किया है। MDMK महासचिव वाइको ने बैठक में शामिल होने की पुष्टि की है। पहली बैठक में कांग्रेस, VCK, IUML और MDMK के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था और अब TVK दूसरी बैठक के जरिए इस राजनीतिक व्यवस्था को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। वाम दलों को भी इस बार आमंत्रित करना TVK की गठबंधन रणनीति में विस्तार का संकेत माना जा रहा है। हालांकि सभी दलों की अंतिम राजनीतिक स्थिति और भागीदारी बैठक के दौरान ज्यादा स्पष्ट होगी। TVK का लक्ष्य विभिन्न राजनीतिक दलों को एक साझा राजनीतिक मंच के तहत समन्वित करने का दिखाई दे रहा है।
विजय बनाम राहुल गांधी के मुद्दे से बढ़ा दबाव
9 सितंबर की बैठक ऐसे समय हो रही है जब TVK और कांग्रेस के बीच 2029 के प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर मतभेद चर्चा में हैं। TVK के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को 2029 में प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाने की मांग की है। इसके जवाब में कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी को 2029 के लिए अपनी पसंद का प्रधानमंत्री पद का चेहरा बताया है। तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष मणिकम टैगोर ने भी राहुल गांधी के समर्थन को दोहराया है। इस मुद्दे ने दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ाया है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर फिलहाल इसे गठबंधन टूटने के रूप में पेश करना उचित नहीं है। ऐसे में 9 सितंबर की बैठक में गठबंधन के राजनीतिक ढांचे के साथ-साथ आपसी मतभेदों को संभालने की क्षमता पर भी नजर रहेगी।







