गठबंधन में पीएम चेहरे को लेकर विवाद: राहुल गांधी पर कांग्रेस का जोर

Anil Sen
4 घंटे पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
Vihaan Patel
4 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Ishaan Tiwari
4 घंटे पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Shruti Bajpai
5 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Aarohi Chaudhary
6 घंटे पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Ayaan Khan
8 घंटे पहलेDesh ke liye yeh ek mahatvapurna khabar hai.
Neel Saxena
9 घंटे पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Priya Iyer
10 घंटे पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
तमिलनाडु में TVK और कांग्रेस के बीच प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। TVK के कुछ नेताओं ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को 2029 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद का संभावित चेहरा बताना शुरू किया है। इसके बाद कांग्रेस ने इस दावेदारी पर असहमति जताते हुए राहुल गांधी को विपक्ष की पहली पसंद बताया है। दोनों दलों के बीच यह विवाद गठबंधन सरकार के शुरुआती 100 दिनों के दौरान ही सामने आया है। TVK नेताओं की ओर से विजय को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की मांग के बाद कांग्रेस नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया है। इस पूरे घटनाक्रम से तमिलनाडु के सत्तारूढ़ गठबंधन में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
कांग्रेस ने राहुल गांधी पर जताया भरोसा
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया है कि 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए विपक्ष की ओर से राहुल गांधी ही प्रधानमंत्री पद के लिए उनकी पहली पसंद हैं। पार्टी ने TVK नेताओं की ओर से विजय को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाने की मांग पर असहमति जताई है। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने TVK की इस मुहिम को लेकर सार्वजनिक रूप से नाराजगी भी जाहिर की है। एक कांग्रेस मंत्री ने कथित तौर पर यहां तक कहा कि राहुल गांधी को स्वीकार नहीं किए जाने की स्थिति में कांग्रेस के मंत्री पद छोड़ सकते हैं। इस बयान के बाद गठबंधन के भीतर मतभेद की चर्चा और तेज हो गई है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर अपना रुख स्पष्ट बताया जा रहा है।
TVK नेताओं ने विजय के समर्थन में उठाई आवाज
TVK के कुछ नेता मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने की मांग कर रहे हैं। पार्टी के नेताओं का कहना है कि तमिलनाडु से आने वाले नेता को देश के शीर्ष पद के लिए आगे बढ़ाया जाना चाहिए। इसी के बाद विजय के समर्थन में प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हुई। TVK के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विजय को 2029 के लिए संभावित प्रधानमंत्री चेहरे के तौर पर पेश किया है। इन बयानों से कांग्रेस और TVK के बीच नेतृत्व को लेकर मतभेद सार्वजनिक हो गए हैं। अब दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस विवाद को संभालने की कोशिशों पर नजर है।
TVK विधायक ने दिया अलग बयान
विवाद के बीच TVK विधायक और ज्योतिषी कनिमोझी संतोष ने मामले को अलग दिशा देने वाला बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने विजय को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने में सहयोग किया था। उनके मुताबिक भविष्य में राहुल गांधी ही विजय को प्रधानमंत्री बनाने में सहयोग करेंगे। इस बयान को गठबंधन के भीतर बढ़ते विवाद को शांत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस और TVK नेताओं के पहले के बयानों से प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं। इस बयान के बाद गठबंधन की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।
सर्वे के बाद बढ़ी विजय की दावेदारी
विजय को लेकर प्रधानमंत्री पद की चर्चा एक निजी मीडिया संस्थान के Mood of the Nation सर्वे के बाद और तेज हुई। रिपोर्ट में प्रधानमंत्री पद की पसंद के तौर पर विजय को नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बाद तीसरे स्थान पर बताया गया था। इस सर्वे के बाद TVK कार्यकर्ताओं और नेताओं में विजय को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने का उत्साह बढ़ा। इसके बाद विजय को 2029 के संभावित प्रधानमंत्री चेहरे के तौर पर पेश करने की आवाजें उठने लगीं। कांग्रेस ने हालांकि इस तरह की दावेदारी को स्वीकार करने से इनकार करते हुए राहुल गांधी पर अपना भरोसा जताया। यही मुद्दा अब दोनों सहयोगी दलों के बीच प्रमुख राजनीतिक विवाद बन गया है।
गठबंधन की आगे की दिशा पर नजर
TVK और कांग्रेस के बीच प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर शुरू हुई बहस ने गठबंधन की राजनीति को चर्चा में ला दिया है। एक तरफ कांग्रेस राहुल गांधी को 2029 के लिए अपनी पहली पसंद बता रही है, वहीं TVK के कुछ नेता विजय की राष्ट्रीय भूमिका की मांग कर रहे हैं। दोनों दलों के बीच यह मतभेद अभी बयानों और राजनीतिक दावेदारियों के स्तर पर सामने आया है। कांग्रेस नेताओं की ओर से गठबंधन छोड़ने या मंत्रियों के इस्तीफे जैसी चेतावनियों ने विवाद को और गंभीर बना दिया है। दूसरी ओर TVK की ओर से राहुल गांधी और विजय के बीच सहयोग की बात कहकर स्थिति संभालने की कोशिश दिखाई दे रही है। अब आने वाले दिनों में गठबंधन का शीर्ष नेतृत्व इस विवाद को किस तरह सुलझाता है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।








