CJP Plans Jantar Mantar Protest: सीजेपी का 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन

Ayaan Khan
3 घंटे पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Dhruv Bhatt
4 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Kunal Rao
5 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Arjun Singh
6 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Ritika Ghosh
7 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Trapti Tanwar
8 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Dev Kapoor
9 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Harsh Pandya
10 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है। संगठन ने इस अभियान को 'जंतर-मंतर सीजन 2' नाम दिया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के मुताबिक, प्रदर्शन का उद्देश्य एसआईआर के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों पर जवाबदेही तय कराने और चुनाव आयोग से सवाल पूछना है।
सीजेपी संस्थापक ने लगाए एसआईआर पर आरोप
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इसके कारण कई मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की शिकायतों का जिक्र किया, जिनके बारे में कथित तौर पर चुनावी रिकॉर्ड में मृत होने की जानकारी दर्ज थी, जबकि वे खुद को जीवित बताते हुए वैध दस्तावेज दिखाने का दावा कर रहे थे। ये आरोप सीजेपी की ओर से लगाए गए हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
ममता बनर्जी के शामिल होने की संभावना
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वह 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल हो सकती हैं, हालांकि उन्होंने अपनी भागीदारी की अंतिम पुष्टि नहीं की। उन्होंने एसआईआर से जुड़ी कथित विसंगतियों को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग की आलोचना की। सीजेपी ने राजनीतिक दलों, नागरिक समाज संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
सीजेपी ने हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाया
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली समेत कई राज्यों में संगठन से जुड़े लोगों तथा युवा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है। यह बयान संगठन की ओर से दिया गया आरोप है। सीजेपी ने कहा है कि मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दे पर उसका अभियान जारी रहेगा और वह चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रही है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की खबर है। रिपोर्ट के अनुसार, 20,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है और लोगों से किसी भी अनधिकृत सभा में शामिल न होने की अपील की गई है। अधिकारी ने यह भी कहा कि इलाके में निषेधाज्ञा लागू है और पुलिस शांति तथा यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयार है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
सीजेपी और कुछ छात्र समूह एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से कथित तौर पर बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि वह मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की जवाबदेही से जुड़े सवाल उठा रहा है। वहीं, प्रदर्शन की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन का रुख इस कार्यक्रम के आयोजन को प्रभावित कर सकता है।








