CJP Protests Against SIR: बेंगलुरु में SIR के खिलाफ प्रदर्शन, अभिजीत दीपके ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

Nidhi kumari
58 मिनट पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Sneha Menon
1 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Vihaan Patel
3 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Neha Tripathi
4 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Anika Rajput
4 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Anika Rajput
6 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Reyansh Joshi
6 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Kabir Shukla
8 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Anjali Patil
8 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
बेंगलुरु में SIR के खिलाफ प्रदर्शन
बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके, अभिनेता प्रकाश राज और यूट्यूबर ध्रुव राठी समेत कई लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग की।
अभिजीत दीपके ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने का उद्देश्य भाजपा का विरोध करने वाले लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। दीपके ने कहा कि कुछ लोगों को मृत घोषित किए जाने के बावजूद वे प्रदर्शन में मौजूद हैं। उनके अनुसार, यह मुद्दा केवल मतदाता सूची से नाम हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों से भी जुड़ा है। ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं।
RSS की विचारधारा और लोकतंत्र पर भी उठाए सवाल
दीपके ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा की आलोचना करते हुए कहा कि उनके विचार में यह समावेशी भारत और डॉ. भीमराव आंबेडकर तथा ईवी रामासामी पेरियार की विचारधारा से मेल नहीं खाती। उन्होंने महात्मा गांधी, डॉ. आंबेडकर और जवाहरलाल नेहरू का उल्लेख करते हुए उन्हें भारत की नींव से जुड़ी महत्वपूर्ण हस्तियां बताया। दीपके ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया के जरिए लंबे समय तक सत्ता में बने रहने की कोशिश की जा रही है।
दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन का ऐलान
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि SIR से जुड़े सवाल केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे हिरासत या गिरफ्तारी के डर से पीछे न हटें। दास ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि बेंगलुरु तथा मुंबई में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हो सकते हैं, तो दिल्ली में रोक क्यों लगाई जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर भी सवाल उठाए।
प्रकाश राज ने SIR खत्म करने की मांग की
प्रदर्शन में शामिल अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने SIR प्रक्रिया समाप्त करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला केवल मतदाता सूची से नाम हटाने का नहीं, बल्कि नागरिकों के सम्मान और अधिकारों से भी जुड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण और जवाबदेही की मांग की। खबर में प्रदर्शनकारियों के आरोपों पर चुनाव आयोग या भाजपा की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।








