Opposition Plans March: एसआईआर के विरोध में इंडिया ब्लॉक आज राष्ट्रपति भवन तक मार्च की तैयारी में

Reyansh Joshi
4 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Trapti Tanwar
4 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Kunal Rao
4 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Monika Das
7 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Riya Jain
8 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Vihaan Patel
9 घंटे पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Anil Sen
10 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Kunal Rao
10 घंटे पहलेIs maamle mein sarkari paksh kya hai?
Shruti Bajpai
11 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
एसआईआर के विरोध में राष्ट्रपति भवन तक मार्च की तैयारी
इंडिया ब्लॉक के विपक्षी सांसदों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने की योजना बनाई है। खबर के मुताबिक, शुक्रवार को विपक्षी सांसद राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च करने की तैयारी में हैं। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए चुनाव आयोग की जवाबदेही और उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है।
राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजने पर सहमति जताई है। हालांकि, प्रस्तावित बैठक को लेकर राष्ट्रपति की ओर से जवाब का इंतजार है। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राजद नेता तेजस्वी यादव सहित कई नेताओं के नाम शामिल बताए गए हैं।
विपक्ष ने पहले भी जारी रखा था प्रदर्शन
इससे एक दिन पहले भी इंडिया ब्लॉक के नेताओं और सांसदों ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया था। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है। अब प्रस्तावित मार्च और राष्ट्रपति से मुलाकात के जरिए विपक्ष एसआईआर से जुड़े मुद्दों को उठाने और चुनाव आयोग से जवाब मांगने की कोशिश कर रहा है।
एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग की आलोचना के बीच यह विरोध सामने आया है। खबर में एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार फैसलों और आदेशों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने कहा है कि तीन सदस्यीय आयोग ने सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों और आयोग के बयान के बीच विवाद जारी है।








