पीएम मोदी का नीदरलैंड दौरा: रक्षा, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी पर होंगे बड़े समझौते

Neel Saxena
8 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Vaishali shinde
9 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Sneha Menon
10 घंटे पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Simran Arora
12 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Anjali Patil
13 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
Aryan Malhotra
13 घंटे पहलेYeh news bahut zaroori hai public ke liye.
प्रधानमंत्री Narendra Modi अपने पांच देशों के विदेशी दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड पहुंच चुके हैं। यह उनका दूसरा आधिकारिक नीदरलैंड दौरा है। इससे पहले उन्होंने साल 2017 में यहां की यात्रा की थी। इस बार का दौरा भारत और यूरोप के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है। द हेग और एम्स्टर्डम पहुंचने पर भारतीय समुदाय और स्थानीय कलाकारों ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।
रक्षा और व्यापार सहयोग पर रहेगा खास फोकस
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री Rob Jetten के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, जल प्रबंधन और सप्लाई चेन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बन सकती है।
किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात
अपने आधिकारिक दौरे के दौरान पीएम मोदी नीदरलैंड के राजा King Willem-Alexander और महारानी Queen Máxima से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह डच बिजनेस लीडर्स और निवेशकों के साथ भी बैठक करेंगे, जहां भारत में निवेश और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर चर्चा होने की उम्मीद है।
सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी में बढ़ेगा सहयोग
भारत और नीदरलैंड के बीच सेमीकंडक्टर सेक्टर में सहयोग को लेकर बड़ी प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी और इनोवेशन सेक्टर में संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं। ग्रीन एनर्जी, रिन्यूएबल एनर्जी और क्लीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी दोनों देश संयुक्त परियोजनाओं पर काम कर सकते हैं।
भारतीय समुदाय से भी करेंगे संवाद
नीदरलैंड में 90 हजार से अधिक भारतीय और भारतीय मूल के लोग रहते हैं। इसके अलावा करीब 2 लाख सूरीनाम-हिंदुस्तानी समुदाय के सदस्य भी वहां मौजूद हैं। पीएम मोदी इस दौरे के दौरान भारतीय समुदाय को संबोधित कर सकते हैं। नीदरलैंड की यूनिवर्सिटीज में लगभग 3500 भारतीय छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
भारत-यूरोप संबंधों को मिलेगा नया आयाम
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर बातचीत तेज है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस यात्रा से भारत-यूरोप व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिल सकती है। भारत का फोकस यूरोप के साथ टेक्नोलॉजी, डिजिटल ट्रेड, रक्षा और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में साझेदारी बढ़ाने पर है।
UAE के बाद नीदरलैंड पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले UAE दौरे पर थे, जहां ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में कई अहम समझौते हुए। अब नीदरलैंड में भी व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को लेकर बड़े फैसले होने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद पीएम मोदी स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे।
भारतीय निर्यात और निवेश को मिलेगा फायदा
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (FIEO) के अनुसार पीएम मोदी का यह पांच देशों का दौरा भारतीय निर्यात और विदेशी निवेश के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस पूरे दौरे में 70 अरब डॉलर से अधिक के द्विपक्षीय व्यापार पर चर्चा हो रही है, जिससे भारत के मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि पीएम मोदी का यह दौरा भारत-नीदरलैंड संबंधों को नई मजबूती देगा और यूरोप में बसे भारतीय समुदाय से जुड़ने का अवसर बनेगा। वहीं विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) Sibi George ने कहा कि दोनों देशों के बीच तकनीक, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और समुद्री क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।






