High Court Orders Release: दिल्ली प्रदर्शन जा रहे 18 युवाओं की हिरासत पर हाई कोर्ट सख्त

दिल्ली प्रदर्शन जा रहे 18 युवाओं की हिरासत पर हाई कोर्ट सख्त
प्रतिक्रियाएँ
Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

5 घंटे पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

5 घंटे पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

5 घंटे पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Taushif Shekh

Taushif Shekh

7 घंटे पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

Aarav Sharma

Aarav Sharma

8 घंटे पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

10 घंटे पहले

Pehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!

Simran Arora

Simran Arora

10 घंटे पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.

Anjali Patil

Anjali Patil

10 घंटे पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

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दिल्ली प्रदर्शन जा रहे युवाओं की हिरासत पर हाई कोर्ट सख्त
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे 18 यात्रियों को मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतारकर हिरासत में लिए जाने का मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गया है। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश अल्पेश कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने मामले पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने नर्मदापुरम के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि हिरासत में लिए गए लोगों को अदालत के समक्ष पेश किया जाए या उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। कोर्ट ने राज्य सरकार को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।

 

वैध टिकट होने के बावजूद ट्रेन से उतारे जाने का आरोप
याचिकाकर्ता गोवा निवासी सार्दुल जितेंद्र बुआ की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि वह अपनी बहन और अन्य साथियों के साथ 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए यात्रा कर रहे थे। याचिका के अनुसार, सभी यात्रियों के पास वैध टिकट थे। जब ट्रेन इटारसी रेलवे स्टेशन पहुंची, तो राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने उन्हें ट्रेन से उतार लिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। इस कार्रवाई को लेकर कानूनी चुनौती दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को निर्धारित बताई गई है।

 

क्या है प्रदर्शन का पूरा मामला?
रिपोर्ट के मुताबिक, ये छात्र-छात्राएं पुणे से गोवा एक्सप्रेस के जरिए दिल्ली जा रहे थे। उन्हें CJP की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन में हिस्सा लेना था। प्रदर्शन के आयोजकों की मांगों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का विरोध शामिल बताया गया है। हालांकि, यात्रियों की हिरासत के संबंध में अलग-अलग रिपोर्टों में संख्या 18 और 21 बताई गई है। इसलिए हिरासत में लिए गए लोगों की वास्तविक संख्या और उनकी मौजूदा स्थिति की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण है।

 

युवाओं से मिलने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोका गया
खबर में यह भी बताया गया है कि हिरासत में लिए गए युवाओं को एक रिसॉर्ट में रखे जाने की जानकारी मिलने के बाद कुछ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंचने का प्रयास किया। बैरिकेड पार कर अंदर जाने की कोशिश के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस बल युवाओं की निगरानी कर रहा था।

 

अदालत के निर्देश और अगली सुनवाई पर नजर
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद अब मामले में हिरासत की वैधता और संबंधित अधिकारियों के जवाब पर ध्यान रहेगा। अदालत ने युवाओं को पेश करने या रिहा करने का निर्देश दिया है और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होने की जानकारी प्रकाशित रिपोर्ट में दी गई है। मामले की अंतिम स्थिति, युवाओं की रिहाई और ट्रेनों के संचालन से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक न्यायालयीन और रेलवे अपडेट देखना जरूरी होगा।

प्रतिक्रियाएँ
Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

5 घंटे पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Neha Tripathi

Neha Tripathi

5 घंटे पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

5 घंटे पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Taushif Shekh

Taushif Shekh

7 घंटे पहले

Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

Aarav Sharma

Aarav Sharma

8 घंटे पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

10 घंटे पहले

Pehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!

Simran Arora

Simran Arora

10 घंटे पहले

Nishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.

Anjali Patil

Anjali Patil

10 घंटे पहले

Is khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.

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